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*औरैया पुलिस ने गौवध मामले के फरार आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया, आरोपी के पैर में लगी गोली*


■ *अवैध तमंचा, कारतूस, मोबाइल व बिना नंबर की बाइक बरामद*
■ *पूर्व में गौवध व गैंगस्टर सहित कई मामलों में दर्ज हैं मुकदमें*
अजीतमल (औरैया)
 थाना अजीतमल, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार को पुलिस मुठभेड़ के बाद गौवध  में फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान जवाबी कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उसकी हालत सामान्य बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत संयुक्त पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कस्बा अजीतमल की ओर से बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर दोनों आरोपी तेज रफ्तार से भाग निकले और पीछा करने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस के अनुसार रसूलपुर मोड़ के पास सर्विस रोड पर बने ब्रेकर पर मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। एक आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरे आरोपी ने पुनः पुलिस पर गोली चला दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी मनोज दोहरे (33) पुत्र सुरेश निवासी रतनीपुर, थाना अजीतमल के बाएं पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, एक मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस ने बताया कि 31 जुलाई को दलेलनगर मार्ग स्थित आम के बाग में संदिग्ध पशु का मांस काटकर बेचने की सूचना पर छापेमारी की गई थी। उस दौरान दो आरोपियों को लगभग 40 किलोग्राम संदिग्ध मांस, तीन धारदार छुरियां, एक कुल्हाड़ी और तराजू सहित गिरफ्तार किया गया था, जबकि कुछ आरोपी फरार हो गए थे। उसी मामले में मनोज दोहरे की तलाश की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध गौवध, गैंगस्टर सहित कई आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने यह भी बताया कि संदिग्ध मांस का नमूना जांच के लिए सुरक्षित कराया गया तथा शेष मांस को पशु चिकित्साधिकारी की मौजूदगी में नियमानुसार गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।

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