■ *अपर पुलिस महानिदेशक व डीआईजी कानपुर व पुलिस अधीक्षक औरैया के संयुक्त निर्देशन में सहार थाना पुलिस की तीन टीमों ने बेटे के हत्यारोपी पिता को गिरफ्तार कर किया लौहमर्षक घटना का पर्दाफाश*
■ *पुलिस पूछताछ में बेटे के हत्यारोपी ने उगले हत्या के राज,हत्या में प्रयुक्त रस्सी व बांस का डंडा बरामद*
औरैया
औरैया जनपद के सहार थाना क्षेत्र के पुर्वा सोमवंशी गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली तीन दिन पूर्व घटी लौहमर्षक घटना में शराब के नशे में धुत एक कलयुगी पिता ने अपने ही 15 वर्षीय मासूम बेटे को घर के खंभे से रस्सी से बांधकर बांस के डंडे से इतना पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी शव को चारपाई पर छोड़कर फरार हो गया था। थाना सहार पुलिस ने 72 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
*कीर्तन से लौटे तो घर में पड़ा था भाई का शव*
मृतक के बड़े भाई नीरज पुत्र उम्मेद सिंह निवासी पुर्वा सोमवंशी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 21 सितंबर 2026 की रात वह और उसकी बड़ी बहन गांव में गणेश पूजा/कीर्तन में शामिल होने गए थे। घर पर छोटी बहन और छोटा भाई रिशू उर्फ ईशू (15) अकेले थे। इसी दौरान पिता उम्मेद सिंह नशे में घर पहुंचा और रिशू की इधर-उधर की शिकायतों को लेकर आग बबूला हो गया। उसने रिशू को घर के खंभे से बांध दिया और डंडे से बेरहमी से पिटाई कर दी। मारपीट में रिशू की मौत हो गई।
तहरीर के आधार पर थाना सहार पर मु0अ0सं0-79/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
*एसपी के निर्देश पर लगीं तीन टीमों ने हत्यारोपी को दबोचा*
घटना को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन और डीआईजी कानपुर के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक औरैया ने तीन टीमों का गठन किया। अपर पुलिस अधीक्षक औरैया और सीओ बिधूना के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सहार गनेश गुप्ता की टीम ने आज दिनांक 24.09.2026 को दोपहर 3:23 बजे वांछित आरोपी *उम्मेद सिंह (45) पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी पुर्वा सोमवंशी* को गिरफ्तार कर लिया।
*पूछताछ में उगला सच - चोरी के विवाद में की हत्या*
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका बेटा रिशू रुपये चोरी करने को लेकर बार-बार विवाद करता था। 21 की रात भी इसी बात पर गुस्से में उसने बेटे को रस्सी से बांधकर बांस के डंडे से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी और बांस का डंडा भी बरामद कर लिया है।
*आरोपी का आपराधिक इतिहास*
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