उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता
लखनऊ:उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के 9,800 से अधिक जर्जर स्कूलों को ढहाने का आदेश दिया है. सरकारी अधिकारियों ने ऐसे 12,000 से ज्यादा स्कूलों की पहचान की है, जिन्हें यातो ढहा देना चाहिए या उनको रिनोवेट करना चाहिए. शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय किरण आनंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसे 12,177 स्कूलों की पहचान की गई है, जिन्हें या तो ढहाने की जरूरत है या जिनका पुनर्निमाण करने की जरूरत है. इनमें से 2,013 स्कूलों को पुनर्निर्मित किया जाना है बाकी 9,817 स्कूलों को ढहाया जाना है.'
वहीं बाकी स्कूलों को लकर अभी कार्रवाई होनी है
वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना इन स्कूलों को ढहाने से उनमें पढ़ने वाले छात्रों को मुश्किल हो सकती है. इसे लेकर शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इनमें से ज्यादातर मामलों में तो उसी परिसर में पहले से ही अलग-अलग इमारतों का निर्माण किया जा चुका है. जहां ऐसा नहीं है, वहां इन जर्जर इमारतों के आसपास के अन्य स्कूलों में छात्रों को स्थानांतरित कर दिया जाएगा.'
शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय किरण आनंद ने कहा
'इमारतों के जर्जर होने से उनमें पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा खतरे में है इसलिए उन पर जल्दी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी.' उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट के आधीन एक समिति बनाई जाएगी इन इमारतों पर कार्रवाई की जाएगी.उधर, इससे पहले योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सड़कों के किनारे बनी धार्मिक संरचनाओं के नाम पर सभी अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था. राज्य के गृह विभाग ने जिला मजिस्ट्रेटों संभागीय आयुक्तों को सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले सभी धार्मिक स्थलों को हटाने का निर्देश दिया था. निर्देश के मुताबिक, 1 जनवरी, 2011 के बाद बनाए गए ढांचों को अविलंब हटाया जाएगा. इस तिथि से पहले निर्मित ढांचों को कियी निजी भूमि में स्थानांतरित किया जाएगा. यूपी के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने अपने जिला प्रमुखों को लिखे पत्र में ये निर्देश दिए.
एक टिप्पणी भेजें
If You have any doubts, Please let me know