सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद लक्ष्य से कोसों दूर
एक सैकड़ा से अधिक किसानों का 236. 40 मेट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद
51 हजार मैट्रिक टन गेहूं खरीद का दिया गया था लक्ष्य नहीं हो रहा पूरा
औरैया। स्थानीय मंडी समिति में गेहूं महंगा होने के कारण इस बार जनपद में गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद का लक्ष्य काफी पीछे है। शासन की ओर से 51 हजार मैट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसकी सापेक्ष 236. 40 मेट्रिक टन गेहूं खरीद हो सकी है। डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद एक प्रतिशत खरीद नहीं हो सकी। इस वर्ष गेहूं के दाम अधिक होने के कारण किसान अपना गेहूं आढतों पर बेच रहे हैं। जिससे गेहूं क्रय केंद्रों पर पर्याप्त आवाक नहीं हो पा रही है। जिसके चलते दिए गए लक्ष्य को पूरा करना संभव प्रतीत नहीं हो पा रहा है। इसके बावजूद लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूर्ण प्रयास किया जा रहा है।
जनपद में 1 अप्रैल से गेहूं खरीद का काम प्रारंभ हुआ है। शासन व प्रशासन की ओर से पहले दिन से ही खरीद केंद्र पर गेहूं खरीद के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली गई थी। हालांकि कई दिनों तक गेहूं क्रय केंद्रों पर एक दाना भी नहीं पहुंचा। मंडी में गेहूं महंगा होने के चलते केंद्रों पर सन्नाटा दिखाई दिया। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जिला विपणन अधिकारी ने क्रय केंद्र प्रभारियों को खरीद बढ़ाने के निर्देश दिए। जिसके तहत केंद्र प्रभारी गांव के प्रधानों व कोटा डीलरों से संपर्क कर क्रय केंद्रों पर गेहूं लाने की अपील की। अधिकारियों की सख्ती का असर केंद्रों पर दिखना शुरू हुआ। केंद्रों पर धीरे-धीरे गेहूं पहुंचने लगा , हालाकी गेहूं पहुंचने की रफ्तार काफी धीमी है। शासन की ओर से जिले में 51 हजार मैट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। जिसके सापेक्ष शनिवार तक जिले में 236. 40 मेट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। जिला विपणन अधिकारी सुधांशु शेखर चौबे ने बताया कि 36 केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है। शनिवार तक 101 किसानों का 236. 40 मेट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। जिसमें 74 किसानों का भुगतान हो चुका है। दिया गया लक्ष्य पूरा करने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सभी क्रय केंद्र प्रभारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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