तना गलन रोग में खेत का पानी निकाल दें किसान
नवनीत पोरवाल आल इंडिया प्रेस एसोसिएशन (अाईपा)
औरैया:धान की फसल में तना गलन रोग की रोकथाम के लिए तत्काल खेतों का पानी निकाल दें और शाम को टूबेकोनाजोल नामक दवा को 30 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें। धान की फसल में कंडुआ रोग की रोकथाम के लिए तत्काल खेतों का पानी निकाल दें और उर्वरकों का प्रयोग रोक दें। शाम के समय कार्बेन्डाजिम प्लस मेंकोजेब नामक दवा 30 ग्राम को प्रति 15 लीटर पानी में घोल का छिड़काव फसल में दो बार करें। प्रथम छिड़काव धान की बाली निकलने की प्रारंभिक अवस्था में और दूसरा छिड़काव पंद्रह से बीस दिन के बाद करें। यदि फसल में रोग आ गया है तो कंडुआ बीमारी से ग्रसित पौधों को अतिशीघ्र खेत से निकालकर नष्ट कर दें।धान की फसल में कंडवा रोग लगने की शुरूआत हो गई है। इसकी जानकारी पर कृषि विभाग केंद्र के पौध संरक्षण विशेषज्ञों ने किसानों को सावधान किया है। उनका कहना है कि ऐसे हालात में खेत का पानी तत्काल बाहर निकाल दें। इसके साथ ही फसल में उर्वरक का प्रयोग कदापि न करें।धान की फसल में आने वाली प्रमुख बीमारियों की रोकथाम के लिए जनपद के परवाह गांव में स्थित सरपंच समाज कृषि विज्ञान केंद्र के पौध संरक्षण विशेषज्ञ अंकुर झा एवं फसल उत्पादन विशेषज्ञ डॉक्टर एसके सिंह ने बुधवार को बताया कि किसान अपनी धान की फसल में बीमारियों की रोक थाम के लिए कुछ उपाय करें। जिससे धान की फसल में बीमारियों का प्रकोप न होने पाए।
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