■ *वक्ताओं ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन व स्व. कीरत सिंह पाल के व्यक्तित्व-कृतित्व को किया याद, शिक्षा के प्रति समर्पण को बताया प्रेरणादायी*
घनश्याम सिंह
औरैया
कस्बा याकूबपुर स्थित रघुनाथ वाटिका में दिवंगत शिक्षक कीरत सिंह पाल की स्मृति में भव्य सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन भावपूर्ण माहौल में किया गया। समारोह में शिक्षा जगत के पुरोधाओं को नमन करते हुए सेवानिवृत्त शिक्षकों, कार्यरत शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों को अंगवस्त्र, माला एवं सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सेवानिवृत्त वरिष्ठ शिक्षक केशराम पाल, पूर्व जिलाध्यक्ष सपा अशोक यादव, सीताराम पाल, विनोद यादव एवं कार्यक्रम संयोजक तथा दिवंगत शिक्षक की धर्मपत्नी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मिथलेश पाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त शिक्षक एवं विद्यालय प्रबंधक केशराम पाल ने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलते हुए स्व. कीरत सिंह पाल जीवन पर्यंत विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित रहे।
उन्होंने कहा कि स्व. पाल के संस्कार और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रभाव उनके परिवार में स्पष्ट दिखता है। उनके बेटे-बेटियां आज शिक्षक के रूप में समाज को गढ़ रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र निर्माता है, उसका त्याग और योगदान अमूल्य है, इसलिए समाज के हर व्यक्ति को शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए।
कार्यक्रम को अरविंद राजपूत, राधेश्याम पाल, सीताराम पाल, मिथलेश पाल, विनोद यादव, अशोक यादव, रविंद्र राजपूत, हरवंश राजपूत एवं विश्वनाथ यादव (वीएन सर) सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने स्व. कीरत सिंह पाल से जुड़ी स्मृतियां साझा करते हुए उनके व्यक्तित्व की मुक्त कंठ से सराहना की।
समारोह के दौरान कार्यक्रम संयोजक मिथलेश पाल, संचालक एवं व्यवस्थापक अमित पाल तथा सीमा पाल ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ ही उपस्थित कार्यरत शिक्षकों एवं संभ्रांतजनों को सम्मानित किया। सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरे पर आत्मीय प्रसन्नता झलक उठी। पूरा समारोह भावुक और प्रेरणादायी माहौल में संपन्न हुआ।
इस मौके पर संजीव पाल, सुघर सिंह, आशा यादव, आकांक्षा पाल, आशुतोष पाल, बीना पाल, लाखन सिंह पाल, नयन सुख वर्मा, अहिवरन सिंह यादव, सुभाष वर्मा, विश्वनाथ सिंह यादव, रामचंद्र यादव, धर्मेंद्र सिंह, जयराम सिंह, मेघनाथ सिंह, राम अवतार वर्मा, उर्मिला वर्मा, अखिलेश शाक्य, मोहम्मद आरिफ, घनश्याम सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संभ्रांतजन मौजूद रहे।
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