मातृ देवो भव: मां बच्चों की पहली गुरु होती है ।
किसी भी परिस्थिति में बच्चों पर आंच नहीं आने देती मां
*मदर्स डे स्पेशल*
*सौरभ त्यागी की कलम से*
जालौन
आज़ मदर्स डे है यानि कि मां का दिन ।जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पूरी दुनिया में मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। लेकिन हमारे देश में तो ये परंपरा युगों-युगों से चली आ रही है। हमारे देश में ईश्वर ने भी मां की पूजा अर्चना कर अपने शीश को उनके चरणों में झुकाया है
आज़ का दिन उन मांओ को भी नमन करने का दिन है जिन्होंने हंसते हंसते अपने लाल को देश की रक्षा के लिए कुर्बान कर दिया
मां का ऋण दुनिया में कोई नहीं उतार सकता क्योंकि मां तो आखिर मां होती है। माँ एक ऐसा शब्द है जिसका अर्थ सीमित शब्दों में बांधना संभव नहीं है। माँ का दूसरा नाम ममता है, माँ एक वह सुखद अनुभूति है जो हमारे सरे दुःख, कष्टों को अपने ममता के अंचल से ढँक देती है। माँ शब्द की गहराई को परिभाषित करना सरल नहीं है क्यों की उसमे पूरा ब्रह्माण्ड का ज्ञान समाहित होता है।
सौरभ त्यागी कहते है कि हमारी मां दुनिया की सबसे अच्छी मां है जिन्होंने जन्म से लेकर अब तक सुख दुख में मेरा ख्याल रखा है और हमेशा रखती है। यदि दर्द मुझे होता है तो आंसू मां के निकलते हैं उन्होंने हमेशा मुझे मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है और आज मैं जो भी कर रहा हूं वह सब मेरी मां की देन है।
*माँ का अर्थ* ? सच कहूं तो पता नहीं.. पर एक पल के लिए सोचूं , तो हज़ारों अर्थ निकल आतें हैं. अगर अपने आप के लिए देखु तो माँ का अर्थ मेरे लिए संस्कार, त्याग, स्नेह, हूँफ और अपनेपन का एहसास, श्रद्धा, होंसला, परिश्रम, और शिक्षा. इस अर्थहीन दुनिया मै अगर आपको कोई अर्थ मिलता हैं तो वह माँ से मिलता हैं. जीवन का हर अंग, हर पहलु और हर श्रर्ण माँ से शुरू हुआ और माँ के दूर जाते ही हर
वह एक खाली स्लेट की तरह हो जाता हैं. श्री कृष्णा के लिए शायद माँ का अर्थ यशोदा था जिसने जनम तो नहीं दिया था पर अपना सर्वस्व दे दिया था. शास्त्र तक असमर्थ हैं माँ का अर्थ बताने के .. और कहतें हैं. सबसे पहले मातृ देवो भवः आता हैं..
पितृ देवो भवः और
गुरु देवोः भवः बाद मैं आता हैं.

إرسال تعليق
If You have any doubts, Please let me know