Auraiya News:औरैया में डॉक्टरों की चल रही मनमानी, अपरजिलाधिकारी को सीएमएस समेत आठ डॉक्टर मिले अनुपस्थित
औरैया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सीएमएस की मनमानी के आगे स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। डॉक्टरों के समय से न पहुंचने पर मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार को एक बार फिर से डॉक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति जांचने के लिए एडीएम पहुंचे तो सीएमएस समेत आठ डॉक्टर व एक फार्मासिस्ट गायब मिले। एडीएम ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।
शहर के 50 शैया संयुक्त जिला अस्पताल में सीएमएस समेत 15 डॉक्टरों की तैनाती है। इन दिनों डॉक्टर मर्जी के अनुसार छुट्टी पर चल रहे हैं। ज्यादातर डॉक्टर साल में बची छुट्टी पूरी कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो जाएंगी, इसका ध्यान नहीं रखा गया। सीएमएस सभी की छुट्टी स्वीकृत कर स्वयं भी अवकाश पर चले गए। अब अस्पताल की कमान शहर में रहने वाली महिला डॉक्टरों के भरोसे है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार सुबह करीब नौ बजे एडीएम न्यायिक अब्दुल बासित ने निरीक्षण किया। एडीएम को ओपीडी के कक्ष संख्या पांच व छह में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। कक्ष संख्या चार में प्रभारी सीएमएस डॉ. सीमा गुप्ता, डॉ. सुनीता सागर व डॉ. कीर्ति महिला मरीजों को देखते मिलीं। कक्ष संख्या तीन में नेत्र परीक्षण अधिकारी नरेश चंद्र राजूपत मौजूद थे।
एडीएम को सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद, चेस्ट फिजीशियन डॉ. अवधेश कटियार, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू सचान, डॉ. नीलिमा, डॉ. निधि गुप्ता व डॉ. परीक्षित, फार्मासिस्ट सरिता अनुपस्थित मिले। कई मरीजों ने घंटों से खड़े होकर इंतजार करने की समस्या बताई। एडीएम ने व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई और मौके पर मिली प्रभारी सीएमएस से जानकारी ली।
प्रभारी सीएमएस डॉ. सीमा गुप्ता ने बताया कि कुछ डॉक्टर सीएल पर हैं। कुछ की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाई जाती है। इस लिए वे मौजूद नहीं हैं। एडीएम ने पूरी जानकारी करने के बाद अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। एडीएम ने बताया कि डॉक्टरों की मनमानी व कर्तव्य के प्रति लापरवाही की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को दी जाएगी।
शहर के 50 शैया संयुक्त जिला अस्पताल में सीएमएस समेत 15 डॉक्टरों की तैनाती है। इन दिनों डॉक्टर मर्जी के अनुसार छुट्टी पर चल रहे हैं। ज्यादातर डॉक्टर साल में बची छुट्टी पूरी कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो जाएंगी, इसका ध्यान नहीं रखा गया। सीएमएस सभी की छुट्टी स्वीकृत कर स्वयं भी अवकाश पर चले गए। अब अस्पताल की कमान शहर में रहने वाली महिला डॉक्टरों के भरोसे है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार सुबह करीब नौ बजे एडीएम न्यायिक अब्दुल बासित ने निरीक्षण किया। एडीएम को ओपीडी के कक्ष संख्या पांच व छह में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। कक्ष संख्या चार में प्रभारी सीएमएस डॉ. सीमा गुप्ता, डॉ. सुनीता सागर व डॉ. कीर्ति महिला मरीजों को देखते मिलीं। कक्ष संख्या तीन में नेत्र परीक्षण अधिकारी नरेश चंद्र राजूपत मौजूद थे।
एडीएम को सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद, चेस्ट फिजीशियन डॉ. अवधेश कटियार, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू सचान, डॉ. नीलिमा, डॉ. निधि गुप्ता व डॉ. परीक्षित, फार्मासिस्ट सरिता अनुपस्थित मिले। कई मरीजों ने घंटों से खड़े होकर इंतजार करने की समस्या बताई। एडीएम ने व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई और मौके पर मिली प्रभारी सीएमएस से जानकारी ली।
प्रभारी सीएमएस डॉ. सीमा गुप्ता ने बताया कि कुछ डॉक्टर सीएल पर हैं। कुछ की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाई जाती है। इस लिए वे मौजूद नहीं हैं। एडीएम ने पूरी जानकारी करने के बाद अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। एडीएम ने बताया कि डॉक्टरों की मनमानी व कर्तव्य के प्रति लापरवाही की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को दी जाएगी।
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