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जिले में परंपरागत तरीके से मनाया गया अक्षय नवमी का त्यौहार

*जिले में परंपरागत तरीके से मनाया गया अक्षय नवमी का त्यौहार*

*महिलाओं व युवतियों ने आंवला की पूजा कर सुख समृद्धि की कामना की* 

*औरैया।* जिले में शुक्रवार को अक्षय नवमी का त्यौहार पूजा अर्चना के साथ परंपरागत तरीके से मनाया गया। महिलाओं एवं युवतियों ने आंवला के नीचे पूजा अर्चना कर अपना व्रत तोड़ा। इसके साथ ही सुख समृद्धि के साथ अपने सुहाग की रक्षा के लिए कामना की है। जनपद के विभिन्न कस्बों एवं ग्रामीणांचलों में अक्षय नवमी का त्यौहार मनाया गया।
        जनपद में शुक्रवार को इच्छा (अक्षय)  नवमी का त्यौहार श्रद्धा के साथ परंपरागत तरीके से मनाया गया। स्थानीय तिलक स्टेडियम में महिलाओं व युवतियों ने आंवला वृक्ष के नीचे आंवला वृक्ष की कलस व पूजन सामग्री रखकर दीप प्रज्वलित कर आटा के 108 आंवला बनाकर फल-फूल, खील-गट्टा चढ़ाकर पूजा अर्चना की। इसके साथ ही आंवला वृक्ष की परिक्रमा करते हुए न्यूनतम 11 एवं अधिकतम 108 फेरे लगाए। इसके साथ ही आंवला की वृक्ष पर रक्षा सूत्र एवं चीर रूपी कपड़ा बांधा। इसके बाद अपनी-अपनी इच्छा के अनुसार व्रत समाप्त करने के उपरांत प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व त्योहार से संबंधित कथा भी सुनी। मोहल्ला तिलक नगर निवासी राम किशोरी तिवारी ने बताया कि राधा किशोरी ने यह व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण को प्राप्त करने की इच्छा जाहिर की थी, तथा उनकी मनोकामना पूर्ण हुई। यह व्रत महिलाएं अपने सुहाग व समृद्धि की इच्छा पूर्ति के लिए करती हैं। इसी प्रकार से मोहल्ला तिलक नगर निवासी कुसुमलता अग्निहोत्री ने बताया की इच्छा नवमी के दिन राधा दामोदर की पूजा किशोरिया , युवतियां एवं महिलाएं रखती हैं। संतान वृद्धि के लिए भी यह व्रत रखा जाता है। आगे उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए भगवान श्रीराम ने रामेश्वरम में पूजा कर रावण का संघार किया था। इसी तरह से भगवान श्रीकृष्ण ने भी अक्षय नवमी के दिन कंस का वध करने के लिए आंवला वृक्ष की पूजा अर्चना की थी। ऐसा करने से भगवान श्रीराम रावण को तथा भगवान श्रीकृष्ण कंस का वध करने में सफल हुए। उन्होंने कहा कि इस व्रत को रखने से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। तथा इस व्रत का अपने आप में बहुत ही महत्व है। इसी प्रकार से जनपद के औरैया के अलावा कस्बा दिबियापुर , सहायल , कंचौसी , सहार, बेला , बिधूना , एरवाकटरा , अछल्दा , फफूंद , बाबरपुर , अजीतमल , मुरादगंज , अयाना के अलावा ग्रामीणांचलों में भी अक्षय नवमी का त्यौहार श्रद्धा भाव के साथ परंपरागत तरीके से मनाये जाने के समाचार प्राप्त हुए हैं।

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