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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने में जुटा आयुष विभाग
बाढ़ ग्रस्त ग्रामों मे लगेंगे निशुल्क आयुर्वेदिक शिविर -डॉक्टर कप्तान सिंह
इटावा।जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराने में आयुष विभाग जुटा हुआ है | बाढ़ की वजह से कोई बीमार न पड़े, इसकी व्यवस्था पहले से ही दुरुस्त करना उसकी प्राथमिकता है | यमुना और चंबल के तटीय क्षेत्र इस समय बाढ़ की चपेट में हैं | ऐसे में आयुष विभाग द्वारा चिकित्सा शिविर के जरिये लोगों को निशुल्क दवाएं पहुंचा कर राहत पहुंचाई जा रही है | यह कहना है आयुर्वेदिक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. कप्तान सिंह का ।
डॉ. सिंह ने बताया -बताया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डायरिया,दस्त,बुखार,सर्दी खांसी की समस्या से लोग जूझ रहे हैं उनकी इन परेशानियों को दूर करने के लिए आयुष विभाग की तरफ से 17 अगस्त को ग्राम बंसरी 18 अगस्त को ग्राम किरतपुर 20 अगस्त को दिलीप नगर 24 अगस्त को मड़ैया करिलगढ़ ब्लॉक बढ़पुरा आदि ग्रामों में चिकित्सा शिविर का आयोजन होगा। इन क्षेत्रों में जलजनित रोगों को सर्दी खांसी जुखाम त्वचा रोग संबंधी समस्याओं के लिए औषधियों का निशुल्क वितरण होगा।
डॉ कप्तान सिंह ने बताया आयुष विभाग द्वारा अभी तक आयोजित शिविरों में चिन्दौली गांव में 156 मरीजों को धुमनपुरा में 168 व कछपुरा में 260 मरीजों को निःशुल्क उपचार दिया गया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डायरिया, दस्त, बुखार, सर्दी व खांसी की समस्या बढ़ सकती है । इन सभी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जल जनित रोगों व सर्दी, खांसी,जुखाम,त्वचा रोग संबंधी समस्याओं के लिए औषधियों का निशुल्क वितरण होगा।
कोरोना व अन्य संक्रमित रोगों से लड़ने के लिए बच्चों का स्वर्ण प्राशन कराया जाएगा
डॉ कप्तान सिंह ने बताया - आयुष विभाग द्वारा आयोजित शिविरों में 5 वर्ष तक के बच्चों को कोरोना और अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए स्वर्ण प्राशन करवाया जाएगा। स्वर्ण प्राशन के द्वारा बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होगी और वह बीमारियों से लड़ सकेंगे। स्वर्ण प्राशन एक विशेष नक्षत्र में ही करवाया जाएगा।
जल जनित बीमारियों व संक्रामक रोगों से लड़ने के लिए कारगर है, आयुर्वेदिक औषधियां
डॉ सिंह ने बताया - बाढ़ के कारण तटीय क्षेत्रों के लोगों में त्वचा सम्बन्धी बीमारी भी देखने को मिल रही है | इन दिक्कतों को खत्म करने के लिए हरिद्राखंडहरिद्राखंड , निम्बादी चूर्ण , अरोग्यबर्धनी, मरीच्यादि तैल औषधि बहुत ही कारगर है। यह दवा शिविरों में निशुल्क वितरित की जा रही है। बुखार,विषाणु जनित रोगों के बचने के लिए संशमनी वटी महासुदर्शन घन वटी, सर्दी, खांसी जुखाम के लिए सितोपलादि चटनी, आयुष काढ़ा बहुत ही कारगर सिद्ध है। कोविड,सर्दी जुखाम से बचने के लिए अणु तेल षढविदूं तेल का भी प्रयोग किया जा सकता है।
डॉ सिंह ने बताया बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में लगाए जाने वाले शिविरों में लोग पहुंचकर निशुल्क दवाइयां लें। उन्होंने अपील की है कि जनपद के सभी क्षेत्रों में आयुर्वेदिक चिकित्सालय में भी निशुल्क दवाइयों का वितरण हो रहा है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा संख्या में जाकर लोग निशुल्क इलाज व दवाइयों का लाभ ले सकते हैं। यदि इलाज और निशुल्क दवाई वितरण में किसी तरह अनियमितता बरती जाए तो मुझसे तुरंत संपर्क करें, अनियमितता बरतने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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