उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता
लखनऊ:उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग (UPSLC) ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण एवं कल्याण कानून-2007’ में संशोधन के लिए एक प्रस्ताव दिया, जिससे वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल नहीं होने और लापरवाही पर अपने उत्तराधिकारियों से अपनी संपत्ति वापस ले सकें.यह भी प्रस्तावित किया है कि अगर बुजुर्ग व्यक्तियों के घर में रहने वाले बच्चे या रिश्तेदार उनकी देखभाल नहीं करते हैं या उनके साथ अनुचित व्यवहार करते हैं, तो उन्हें “उनके घर से निकाल” दिया सकता है.
यूपीएसएलसी ने कानून का अध्ययन करने के बाद पूर्व में सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में यह बताया गया था कि कई बार बच्चे ही अपने बूढ़े माता-पिता को उनकी प्रॉपर्टी से बेदखल कर देते हैं या फिर उन्हें घर से निकालने के लिए उनसे अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं जिसे ध्यान में रखते हुए ये प्रस्ताव दिए जा रहे हैं.
कानून आने के बाद प्रॉपर्टी से होंगे बेदखल
यूपीएसएलसी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई मामलों में यह भी देखा गया है कि बच्चे प्रॉपर्टी के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लेते हैं और माता-पिता को रहने के लिए एक छोटा सा हिस्सा दे देते हैं. इसलिए बुजुर्गों के बेहतर जीवन यापन के लिए यह कानून बेहद जरूरी है. प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बुजुर्ग मां-बाप की सेवा न करने वालों को प्रॉपर्टी से ही बेदखल कर दिया जाएगा।
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