उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता
औरैया:जिले में आग की घटनाओं की जिम्मेदारी एक फायर स्टेशन की है। जिले में तीन तहसीलों के बीच केवल एक फायर स्टेशन है। जहां कर्मचारी भी पूरे नहीं हैं। ऐसे में जिले की आग की घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है। हालांकि अजीतमल व बिधूना में फायर स्टेशन का काम शुरू किया गया था। लेकिन वह अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।प्रत्येक जिले में आबादी के हिसाब से फायर स्टेशन होते हैं। लेकिन जिले में वर्षों से केवल एक ही फायर स्टेशन है। जिस पर पूरे जिले में आग की घटनाओं से निपटने की जिम्मेदारी है। बता दें कि प्रत्येक तहसील स्तर पर फायर स्टेशन की व्यवस्था होती है। केंद्र प्रभारी राम खिलावन ने बताया कि इस समय केंद्र पर आग बुझाने के लिए दो बड़ी व एक छोटी गाड़ी उपलब्ध है।जबकि यहां की एक गाड़ी बिधूना में रहती है। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि यदि शहर से अधिक दूरी पर आग की घटना होती है तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने से पहले ही वहां सब कुछ स्वाहा हो जाएगा।
अधूरा पड़ा फायर ब्रिगेड का निर्माण
औरैया शासन के निर्देश पर तीनों तहसीलों में फायर ब्रिगेड बनाने के निर्देश हैं। औरैया में पहले से ही फायर स्टेशन बना हुआ है जबकि अजीतमल व बिधूना में फायर ब्रिगेड का निर्माण अधूरा पड़ा है। अजीतमल में निर्माण कार्यत बहुत तेजी से हुआ था। लेकिन बजट के अभाव में वह रुक गया। अंतत: जिले में केवल एक फायर ब्रिगेड के ऊपर पूरी जिम्मेदारी है।
कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा विभाग
औरैया फायर बिग्रेड प्रभारी राम खिलावन ने बताया कि शहर में बने फायर ब्रिगेड केंद्र पर 26 फायरमैन की आवश्यकता है। जिसके सापेक्ष इस समय 14 लोग हैं। जिनमें से दो कर्मचारियों की ड्यूटी बिधूना में लगी हुई है। इसके अलावा एक लोग मथुरा ड्यूटी करने गए हैं। इस समय यहां अधिकारियों के अलावा 11 कर्मचारी मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर अधिक दूरी के चलते गाड़ी पहुंचने में देर हो जाती है। वैसे यहां सुरक्षाकर्मी 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। सूचना मिलते ही तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना होते हैं। और नुकसान रोकने का पूरा प्रयास किया जाता है।
إرسال تعليق
If You have any doubts, Please let me know