नई दिल्ली: बढ़ती प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार अब एक्शन में आ गई है. देश में प्याज की सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार ने प्याज आयात के नियमों में ढील दी है. साथ ही बेहिसाब बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए बफर स्टॉक से ज्यादा प्याज बाजार में आपूर्ति करने का भी फैसला किया गया है.
देश में नई फसल आने में अभी एक महीने का वक्त बाकी है ऐसे में प्याज की सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार आयात पर जोर दे रही है. मंगलवार को देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में प्याज का औसत मूल्य 7300 रुपये प्रति क्विंटल था. ये कीमत पिछले 10 महीने में सबसे ज्यादा है।
कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को चेन्नई में प्याज की खुदरा कीमतें 73 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गईं थी. दिल्ली में प्याज 50 रुपये प्रति किलो, कोलकाता में 65 रुपये प्रति किलो और मुंबई में 67 रुपये प्रति किलो पर बिक रही है.
एक अनुमान है कि अगर कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं तो दिवाली तक प्याज की कीमतें 100 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच जाएंगी. कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि खरीफ फसल की 37 लाख टन प्याज जल्द मंडियों में पहुंच जाएगी जिससे कीमतों में राहत देखने को मिलेगी.
क्यों बढ़े प्याज के दाम
अभी रबी फसल की भंडार की हुई प्याज बाजार में बिक रही है. पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भारी बारिश हुई. ये तीनों राज्य प्याज के मुख्य उत्पादक है. बारिश की वजह से खड़ी खरीफ की फसल के साथ साथ गोदामों में रखे प्याज को भी काफी नुकसान हुआ है.

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