फिर मिलेगा परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ !

समाचारसंपादक अमित चतुर्वेदी उत्तरप्रदेश न्यूज21
कोविड-19 लक्षणों के आधार पर लगाई जाएगी स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी
प्रमुख सचिव ने पत्र के माध्यम से दिए निर्देश 
दिबियापुर । कोविड-19 महामारी के कारण बाधित की गई स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार अब धीरे-धीरे पुन: शुरू कर रही है। आवश्यक सेवाओं के बाद अब परिवार नियोजन सेवाओं को भी बहाल करने के निर्देश दे दिए गये हैं।  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव ने बताया - कोरोना महामारी के कारण पूरा स्वास्थ्य महकमा इसकी  रोकथाम एवं प्रबंधन के लिए युद्धस्तर पर जुटा था जिसके कारण परिवार नियोजन सेवाएँ  सुचारू रूप से नहीं चल पा रही थीं लेकिन अब फिर से इन्हें शुरू किया जाना है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ/ महानिदेशक परिवार कल्याण/ सभी  जिलाधिकारियों/ सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इसके लिए पत्र जारी कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। पत्र में उन्होंने कहा है कि परिवार नियोजन सेवाओं की एफडीओएस (फिक्स्ड डे आउटरीच सर्विसेस ) के माध्यम से प्रदान की जाने वाली महिला एवं पुरुष नसबंदी को छोड़कर सभी अन्य विधियाँ सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करते हुए पहले की भाँति संचालित की जाएँगी।  सीएमओ ने बताया कि पत्र में प्रमुख सचिव ने कोविड-19 के लक्षणों के आधार पर स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाने की बात भी कही है। इसके अनुसार उन ब्लॉकों और शहरी क्षेत्रों, जिनमें कोविड -19 के केस दर्ज हुए हैं, में फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों जिनकी ड्यूटी उन्हीं क्षेत्रों में कोविड -19 के अंतर्गत पहले से लगी है के माध्यम से सिर्फ खाने वाली गर्भनिरोधक गोलियों एवं कंडोम का वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में परिवार नियोजन सेवाओं की अन्तराल विधियों का संचालन पहले की भांति किया जाएगा। वहीँ ऐसी आशा /एएनएम/अन्य स्वास्थ्यकर्मियों जिनकी कोविड-19 के हॉट स्पॉट कन्टेनमेंट क्षेत्र में ड्यूटी लगायी गयी है या जो  आशा/एएनएम/अन्य स्वास्थ्यकर्मी हॉट स्पॉट कन्टेनमेंट क्षेत्र में ही रहते हैं या जिनमें कोविड-19 के लक्षण परिलक्षित होते हैं उनकी ड्यूटी उपरोक्त कार्यों में नहीं लगायी जाएगी। उपरोक्त स्वास्थ्यकर्मियों के क्षेत्र में वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए कार्य कार्य संपादित किया जाएगा। नॉन कोविड-19 प्रसव इकाईयों पर सभी अस्थायी विधियाँ जैसे पीपीआईयूसीडी, पीएआइयूसीडी, अन्तरा, छाया, कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां आदि पहले की भाँति संचालित की जाएँगी। उपरोक्त के अलावा जहाँ पर सोशल डिस्टेंसिंग एवं सेनिटाइजेशन का पालन करते हुए ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) के सत्र होते हैं वहां पर आवश्यकतानुसार परिवार नियोजन से जुडी सामग्री का वितरण शुरू किया जाये| परिवार नियोजन कार्यक्रम के संचालन में कोविड-19 की रोकथाम एवं  बचाव के लिए निर्गत सामान्य प्रोटोकॉल एवं अन्य सुरक्षा उपायों/सावधानियों का भारत सरकार द्वारा समय-समय पर दिशा निर्देशों के अनुसार कड़ाई से अनुपालन किया जायेगा।

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