उत्तर प्रदेश न्यूज21 की रिपोर्ट नवनीत गुप्ता के साथ
नई दिल्ली/:गालवन वैली में भारतीय सैनिकों के साथ हैंड टू हैंड बैटल और के मुकाबले भारी नुकसान उठाने के बाद चीन में हड़कंप मचा हुआ है।इसका अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिन में हुई झड़प में मारे गये सैनिकों के शव उठाने के चीनी सेना के हेलिकॉप्टर शाम को अंधेरा होने के बाद आये। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कि शाम होते ही चीन ने अपने पश्चिमोत्तर एयर स्पेस को खाली कर दिया है। हालांकि चीन ने कोई अधिकारिक नोटेम जारी नहीं किया गया है लेकिन सिविल और मिलिटरी फ्लाइट्स को ट्रैक करने वाली साइट ने जो डैटा जारी किया है उसको देखकर ऐसा लगता है कि इंडिया की ओर किसी संभावित स्ट्राइक की आशंका के मद्देनजर पश्चिमोत्तर एयर स्पेस को रिजर्व कर दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का यह रुख दर्शाता है कि सोमवार और मंगलवार को भारत के हाथों मार खाये चीनी सैनिकों का मनोबल टूट चुका है।दरअसल, मंगलवार देर शाम भारतीय मीडिया में 20 सैनिकों के शहीद होने की खबर पहुंची तो वैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गृहमंत्री अमित शाह शामिल थे। इसी मीटिंग के समानांतर तीनों सेना अध्यक्षों की बैठक सीडीएस विपिन चंद रावत के साथ चल रही थी। दोनों ही अतिमहत्वपूर्ण बैठकों में क्या हुआ,इसकी जानकारी बाहर नहीं आ सकी।चीन के आला कमान और चीन की सेना विशेषज्ञ दिल्ली में हो रहे इस घटनाक्रम पर नजदीकी से निगाह रख रहे थे।जब उन्हें कुछ खास हाथ नहीं लगा तो चीनी की तैयारियां पूरी तरह से डिफेंसिव मोड में आ गयीं। चीनी विदेश मंत्रालय इस बीच बंदर घुड़कियों का सहारा लिया।भय और निराशा में डूबे चीन के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया भी कुछ इसी तरह की थी। हमेशा एग्रेसिव प्रोपेगंडा करने वाला चीन संयम की बात कर रहा था।
बहरहाल, चालबाज और डरपोक चीन को सबक सिखाने के लिए भारत ने गलवान वैली के आस-पास अपने एस्टेब्लिशमेंट को और मजबूत कर दिया है। चीन लगती लगभग चार हजार किलोमीटर की सीमा पर एयर और ग्राउंड पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी है। भारतीय पूरी चीन सीमा के साथ ही पाकिस्तान सीमा पर हाई एलर्ट पर है।
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