श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सफर के लिए रेलवे ने जारी किए नियम, जानिए कौन देगा किराया, कैसे मिलेगा खाना और पानी
उत्तरप्रदेश न्यूज़21देश के कई महानगरों में फंसे मजदूरों को घर वापस ले जाने के लिए राज्य सरकारों की मांग पर रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत की है। भारतीय रेलवे ने रविवार को सभी जोन्स के लिए गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनें तभी चलेंगी जब कम से कम
90 फीसदी सीटों के लिए बुकिंग की जाए। रेलवे की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है, ''सभी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें नॉन स्टॉप होंगी और एकमात्र गंतव्य के लिए होगी। सामान्यत: ये 500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए होंगी। ट्रेनों को बीच के किसी स्टेशन पर नहीं रोका जाएगा। एक ट्रेन में (मिडिल बर्थ को छोड़कर) करीब 1200 लोग सफर कर सकते हैं।''
90 फीसदी सीटों के लिए बुकिंग की जाए। रेलवे की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है, ''सभी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें नॉन स्टॉप होंगी और एकमात्र गंतव्य के लिए होगी। सामान्यत: ये 500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए होंगी। ट्रेनों को बीच के किसी स्टेशन पर नहीं रोका जाएगा। एक ट्रेन में (मिडिल बर्थ को छोड़कर) करीब 1200 लोग सफर कर सकते हैं।''
गाइडलाइंस में कहा गया है कि जिस राज्य से यात्रा प्रारम्भ होगी वहां की सरकार को यात्रियों का समूह तैयार करना होगा। ट्रेन में यात्रियों की संख्या क्षमता से 90 फीसदी से कम नहीं हो सकती है।
रेलवे ने कहा कि स्थानीय राज्य सरकार यात्रियों को टिकट सौंपेगी और उनसे टिकट वसूल करके एकत्रित राशि रेलवे को सौंपेगी। यह भी कहा गया है कि जिस राज्य से ट्रेन खुलेगी वहां की सरकार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करनी है ताकि केवल वे ही लोग स्टेशन परिसर में आ पाएं जिन्हें मंजूरी दी गई है और जिनके पास टिकट मौजूद है।
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