*कोरोना वायरस के प्रति संवेदनशील नहीं है कन्नौज के शिक्षा विभाग के अधिकारी*
*जहाँ प्रदेश सरकार द्वारा मॉल स्कूल आदि सार्वजनिक स्थानों भीड़ पर रोक लगाई गई है वहीं कन्नौज बेसिक शिक्षा विभाग तरह- तरफ नए नए आदेश निकाल कर शिक्षकों को विद्यालय आने गाँवो में घूमने और बीआरसी पर बुलाने के लिए बाध्य कर रहा है*
घनश्याम सिंह
समाचार सम्पादक
कन्नौज :दुनियां के सबसे खतरनाक कोरोना वायरस से बचाव के लिए जहां उप्रदेश व केंद्र की सरकार अत्यंत संवेदनशील होकर देश व प्रदेश वासियों को कोरोना के
कहर से बचाने के लिए कार्य कर रही है,वहीं कन्नौज जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी शारदा अभियान के तहत अध्यापकों को घर घर जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।।
कन्नौज जिले के परिषदीय विद्यालयों से सम्बद्ध शिक्षकों को बेतुके आदेश भेजे गए हैं,बेतुके आदेश से आहत शिक्षकों ने बताया कि सरकार की मंशा के विपरीत उन्हें शारदा अभियान के तहत गांव-गांव जाने के निर्देश दिए गए हैं,जिसके तहत गांवों में घूमने से अध्यापकों में कोरोना से संक्रमित होने का खतरा तो बढ़ ही गया है,इस मौके पर ग्रामीण शिक्षकों से मुख़ातिब होने से परहेज कर रहे हैं,
ऐसे में अगर घर घर जाने से शिक्षकों में संक्रमण का असर हुआ तो इससे आगे आने वाले समय में बच्चे भी प्रभावित होंगे,क्यों कि कोरोना का असर लगभग 10 से 14 दिनों बाद होता है और तब विद्यालय खुलने पर बच्चे भी शिक्षकों के संपर्क में आकर संक्रमित हो सकते हैं,
खास बात यह है कि जब इस समय कोरोना जैसी बीमारी से बचाव के लिए केंद्र व प्रदेश की सरकारें जोर शोर से जनसम्पर्क से बचने व बीमारी के प्रसार रोकने के लिए विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश दे रही है, इसके उलट शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षकों को गांव-गांव जाने व मीटिंग में आने पर मजबूर कर कोरोना को फैलने का न्यौता दे रहे हैं, इस बेतुके आदेश से शिक्षकों के परिजनों में कोरोना से प्रभावित होने का खौफ बढ़ गया है,इसके साथ खंड शिक्षा 6अधिकारी जलालाबाद कन्नौज ने भी शिक्षकों को ग्रेटिंग लर्निंग की कॉपी चेक करने का आदेश देकर शिक्षकों व शिक्षकों के परिजनों में कोरोना से प्रभावित होने का खौफ बढ़ा दिया है।।
फ़ोटो: बेतुके आदेशों की प्रतियां
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