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कोरोना पर शोध / महिलाओं के मुकाबले पुरुषों पर संक्रमण का खतरा ज्यादा, कोरोना से मरने वालों में 70% से ज्यादा पुरुष

कोरोना पर शोध / महिलाओं के मुकाबले पुरुषों पर संक्रमण का खतरा ज्यादा, कोरोना से मरने वालों में 70% से ज्यादा पुरुष

  • वैज्ञानिकों ने इटली, चीन, फ्रांस, जर्मनी, ईरान और साउथ कोरिया के 88 हजार संक्रमितों पर अध्ययन किया।वैज्ञानिकों ने इटली, चीन, फ्रांस, जर्मनी, ईरान और साउथ कोरिया के 88 हजार संक्रमितों पर अध्ययन किया।

  • चीन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, ईरान और साउथ कोरिया के संक्रमितों  पर चाइनीज सेंटर्स ऑफ डिजीज कंट्रोल ने जारी की रिपोर्ट
  • 80 हजार संक्रमितों पर किया गया शोध, इनमें 2.8 फीसदी पुरुषों जबकि 1.7  महिलाओं की हुई मौत, 0.2 फीसदी बच्चों ने कोरोनावायरस से दम तोड़ा

उत्तरप्रदेश न्यूज़21

Mar 28, 2020, 01:29 PM IST
. चीन के वुहान से निकला कोरोनावायरस पूरी दुनिया को चपेट में ले चुका है। इस बीच, चाइनीज सेंटर्स ऑफ डिजीज कंट्रोल की एक रिपोर्ट सामने आई। इसके मुताबिक, कोरोना का खतरा महिलाओं के मुकाबले पुरुषों पर काफी ज्यादा है। संक्रमण का शिकार सबसे ज्यादा पुरुष हुए हैं। मरने वालों की संख्या भी इनकी महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा है। वैज्ञानिकों ने इटली, चीन, फ्रांस, जर्मनी, ईरान और साउथ कोरिया के जिन 88 हजार संक्रमितों पर अध्ययन किया उनमें से 2.8 फीसदी पुरुषों की और 1.7 फीसदी महिलाओं की मौत हुई है। जबकि 0.2 फीसदी बच्चों ने इससे दम तोड़ा। इटली के नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट के मुताबिक देश में कुल संक्रमितों में से 60 फीसदी संख्या पुरुषों की है। संक्रमण से मरने वालों में 70 फीसदी से ज्यादा संख्या पुरुषों की थी। साउथ कोरिया में भी कुछ यही हालात हैं। यहां भी संक्रमण से मरने वाले 54 फीसदी पुरुष ही थे। चीन में कोरोना पॉजिटिव पाए गए 68 फीसदी पुरुष हैं। यहां पुरुषों में संक्रमण फैलने का अनुपात 3 और 2 है। ईरान में संक्रमित मरीजों में 64 फीसदी पुरुष हैं।

विशेषज्ञ बोले- महिलाओं में संक्रमण से लड़ने की क्षमता ज्यादा
यह रिपोर्ट यूएस में भी पेश की गई। व्हाइट हाउस में कोरोनावायरस रिस्पांस कोआर्डिनेटर डॉ. डेब्रोह ब्रिक्स बताते हैं कि संक्रमण का असर सभी पर होता है। हालांकि जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन पर इसका ज्यादा असर पड़ता है। महिलाओं और बच्चों की अपेक्षा पुरुष ज्यादा सिगरेट, शराब और नशे का सेवन करते हैं। इससे उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है और कोई भी वायरस ऐसे लोगों पर तेजी से प्रभाव डालता है। चाइनीज सेंटर्स ऑफ डिजीज कंट्रोल के निदेशक जॉर्ज एफ गाओ बताते हैं, "धूम्रपान फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। एक आंकड़े के मुताबिक 52 फीसदी पुरुष और सिर्फ 12 फीसदी महिलाएं ही धूम्रपान करती हैं। इसका भी काफी असर रहता है।'' यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंगलिया के प्रोफेसर पॉल हंटर कहते हैं कि महिलाओं में आतंरिक रूप से पुरुषों से अलग प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाएं होती हैं। महिलाओं को ऑटो-इम्यून डिजीज (प्रतिरक्षा तंत्र के अति सक्रिय होने के कारण होने वाली बीमारियां) होने का ज्यादा खतरा होता है। महिलाएं फ्लू के टीकों के लिए बेहतर एंटीबॉडी का उत्पादन करती हैं।

सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को
रिपोर्ट के अनुसार कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को है। उन बुजुर्गों के लिए यह वायरस बहुत खतरनाक है, जिन्हें पहले से हाइपरटेंशन और दिल की बीमारी है। फरवरी के मध्य तक इस वायरस से 44700 मामलों में से 80 फीसदी से ज्यादा 60 साल की उम्र के लोगों से जुड़े थे। आधे मामले 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों से जुड़े थे। 80 साल से ज्यादा उम्र के 15 फीसदी संक्रमित मरीजों की मौत हुई है।

इटली में 70 लाख पुरुष धूम्रपान करते हैं
चाइनीज सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक चीन में करीब 36 करोड़ लोग धम्रपान करते हैं। 50 फीसदी से ज्यादा पुरुष जबकि 3 फीसदी से कम महिलाएं नशा करती हैं। वहीं इटली के नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट (आईएसएस) के अनुसार यहां 70 लाख पुरुष जबकि 40 लाख के करीब महिलाएं धूम्रपान करती हैं। इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल में भर्ती संक्रमितों में एक तिहाई धूम्रपान करते हैं और इनकी हालत अन्य की अपेक्षा ज्यादा गंभीर है। इनके इलाज के लिए अन्य की अपेक्षा ज्यादा वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।

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