*शिक्षाविद बाबू जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देकर जरूरतमंदों को बांटे कंबल*
*वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालकर उनके संघर्षों से सीख लेने की बात कही*
*डॉक्युमेंट्री फ़िल्म प्रदर्शित कर वृत यात्रा का वृतांत बताया*
*दिबियापुर,औरैया।* शिक्षाविद स्व.रामशंकर गुप्ता बाबू जी की द्वितीय पुण्यतिथि पर विवेकानंद ग्रामोद्योग महाविद्यालय दिबियापुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने बताया की शिक्षाविद रामशंकर गुप्त जी के जीवन से सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने तमाम संघर्ष कर पिछड़े इलाके में उच्च शिक्षा की अलख जगाई। इसके बाद उनके पुत्रों ने करीब दो सैकड़ा जरूतमन्दों को कस्बे में घूम कर कंबल वितरित किए।
विवेकानंद ग्रामोद्योग महाविद्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम में बाबू जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ इकरार अहमद ने बाबू जी ने मिस विषम परिस्थितियों में महाविद्यालय की स्थापना की वह बहुत संघर्ष पूर्ण है। उन्होंने खादी की अलख जगाने के बाद उच्च शिक्षा की अलख जगाई। प्रबंधक राजेश गुप्ता ने भी अपने वक्तव्य में बाबू जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सोपान को आगे बढ़ाने की बात कही।प्रधानाचार्य पवन गुप्ता ने भी सम्बोधित करते हुए उनके बताए सन्मार्ग पर चलने की बात कही। इसके अलावा कार्यक्रम को पूर्व प्राचार्य डॉ इफ्तिखार हसन,औरैया रत्न मुनीष त्रिपाठी, प्रोफेसर विनीत त्रिपाठी, डॉ रीना आर्या, महेन्द्र तिवारी, संदीप ओमर,अनुपम तिवारी आदि ने भी संबोधित किया। प्रोफेसर विनीत त्रिपाठी ने डाक्यूमेंट्री फ़िल्म प्रदर्शित कर बाबू जी के जीवन वृत्त यात्रा को दिखाया। बताया कि बाबू जी के चाचा सुखदेवानन्द जी जिन्होंने परमार्थ निकेतन की स्थापना की थी। बाबू जी का परिवार ही संत रहा है। इस मौके पर अमित चतुर्वेदी, गौरव चतुर्वेदी,अजय दुबे,परम मिश्रा,प्रशांत तिवारी, राहुल शुक्ला, शुभारानी गुप्ता, ओमवर्त पांडेय आदि महाविद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
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