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पुलिस स्टेशन बने दलालों के अड्डे, फरियादियों से होती है, मनमानी तौर पर धन उगाही व बंदर बाँट

पुलिस स्टेशन बने दलालों के अड्डे, फरियादियों से होती है, मनमानी तौर पर धन उगाही व बंदर बाँट

औरैया, पुलिस बिभाग ही एक ऐसा बिभाग है जोकि कभी भी किसी को भी कहीं खड़ा कर सकती है (पावरफुल लाइसेंस सुरक्षा) पुलिस स्वयं के पास पावरफुल लाइसेंस रखकर स्वयं को सुरक्षित रखने में सक्षम है, दूसरी ओर पुलिस पब्लिक की सुरक्षा ब्यवस्था बनाये रखने की अहम भूमिका निभाने जिम्मेदारी है, परन्तु अब तो पुलिस स्टेशनों के हालत दिन प्रतिदिन बदलते जा रहे है, जहाँ पर लोग अपनी सुरक्षा एवं मद्त की उम्मीद लगाकर जाते है वहीं दूसरी ओर पुलिस स्टेशनों पर दलाल लोग घात लगाये बैठे है, जहाँ पर पीड़ित अपनी समस्या को लेकर जैसे ही पुलिस स्टेशन पहुँचता है, वहीं थाने कोतवाली में बैठे दलालों के इसारे से पुलिस पीड़ित की समस्याओं को जाने बगैर उन्हें टरका देता है या यूँ कहें कि दुत्कार कर भाग देता है, इन परिस्थियों में पीड़ित ब्यक्ति किसी न किसी दलाल की चुगल में फस जाता है जहाँ उससे मनमानी कीमती बसूली जाती है, जिसके दलाल और पुलिस मिलकर हिस्सेदारी करने का आसान तरीका अपनाते है, इसी कृम में सदर कोतवाली औरैया का एक मामला सामने आया है, जिसमें एक पीड़िता रूबी पत्नी रूबी पत्नी सलामत जोकि कालपी में किसी बालू की खदान पर पति पत्नी दोनों मिलकर मजदूरी करके अपना परिवार पाल रहे है, पीड़िता रूबी ने बताया हैकि उसका पति सलामत पुत्र करामत अली जोकि पीड़िता के मायके यानि कि पीड़िता के घर सदर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला विधिचंद में किसी आवश्यक कार्य हेतु गया था, तभी दिनांक 08/12/2021 को रात्रि करीब 12:30 बजे औरैया कोतवाली पुलिस घर में घुसकर आई तथा पीड़िता के पति सलामत को पकड़कर ले गये, पीड़िता अपने तीन मासूमों को लेकर लगातार पांच दिन तक कोतवाली पुलिस से अपने निर्दोष पति को छोड़ने की मिन्नते करती रही है, इतना ही नही पीड़िता से थाने के एक प्रमुख रसूखदार जानी पहिचानी छवि के दलाल ने 20 हजार रूपये की उगाही करने में सफल रहा परन्तु पीड़िता के पति को जब पांच दिन तक पुलिस हिरासत से मुक्त नही किया गया तो पीड़िता रूबी ने मजबूर होकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते हुये बताया कि उसका पति निर्दोष होते हुये भी पांच दिन से बंदक बनाये हुये है पता नही पुलिस उन्हें गंभीर अपराधों में फसाना चाहती है या उनकी हत्या करने की साजिश बना रहीं है, पीड़िता ने लिखित शिकायत के साथ मीडिया को मौखिक रूप से बताया वह अपने तीन छोटे छोटे मासूम बच्चों को साथ में लेकर कोतवाली के चक्कर लगा रहीं है, परन्तु उसके निर्दोष पति को थाना पुलिस छोड़ने को तैयार नही है इसी बीच नामचीन एक दलाल के द्वारा पति को पुलिस से छुड़ाने के लिये बीस हजार रूपये भी ले लेने की बात सामने आई तो मीडिया कर्मी ने उपरोक्त दलाल से मोबाइल वार्तालाप करते हुये पीड़िता के पति को छोड़ने एवं उसके पति को पुलिस हिरासत से मुक्त कराने की हिदायत दी जिसपर पीड़िता का पति सलामल को सही सलामत मुक्ति कर दिये जाने की सुचना मिली है परन्तु पीड़िता से लिया गया 20 हजार रूपया अभी तक वापस नही किया जा सका है, अब अगले अंक में देखना यह कि आखिर कौन है नामचीन दलाल क्या पुलिस के न्यायप्रिय उच्चाधिकारी इन दलालों सहित दलालों के साथ शामिल पुलिस कर्मियों के बिरुद्ध क्या कार्यवाही अमल में लायेंगे

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