*अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने बांधा समां*
*बिधूना,औरैया।* बीती शाम श्री गजेंद्र सिंह पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में जहां कवियों ने देश की राजनीत, आतंकवाद ,कन्या भ्रूण हत्या ,बेटी बचाओ बेटी पढाओ आदि पर जमकर शब्द बाण छोड़े वही हास्य व्यंग श्रंगार की रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ उ०प्र० सरकार के कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व विधायक प्रख्यात समाजसेवी गजेंद्र सिंह बाबूजी एंव माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित कर किया। कवि सम्मेलन का शुरुआत कवियत्री कीर्ति काले ने मां शारदे की वंदना कर की। इस अवसर पर ओज के कवि राम भदावर ने राम जन्म भूमि के लिए कुर्बान हुए जहां राम भक्तों को कुछ अपने इस अंदाज में बयां करते हुये किया।''आपने बचा के राम जन्म भूमि का गुरुर राम जन्म भूमि के कलंक को मिटा दिया| कवि गजेंद्र प्रियांशु ने अपनी हास्य व्यंग की कविता में अपने विचार कुछ इस अंदाज में बयां किए'' लक्ष्य हम पर सधे थे सधे रह गये। हाथ पहले बँधे थे बँधे रह गये। एक आई लहर तुम बने मंत्री, हम गधे थे गधे रह गये। कोटा राजस्थान की धरती से पधारे कवि नरेश निर्भीक ने आने वाले समय में भारत को विश्व गुरु बनने की राह का कुछ इस अंदाज में अपने विचार व्यक्त किएये ''भारत मां के दुनिया में छा जाने की आहट है। कवि अनिल ने अपनी प्रचलित की कविता मैं अपनी प्रचलित रचना ''स्वांस का अंतिम पहर हूं हो गई जीवन की शाम, मेरा अंतिम गीत सुन लो फिर हमारी राम-राम ,सुनाकर जीवन के अंतिम सत्य मृत्यु से साक्षात्कार कराया। राजस्थान से आए ओज के प्रख्यात कवि विनीत चौहान ने राजनेताओं को देश के गद्दारों के इलाज के लिये कुछ इस अंदाज प्रेरित किया। साँप जब तक आस्तीनों के ना मारे जाएंगे, हौसला कितना भी हो हम जंग हारे जाएंगे। लटूरी लट्ठ ने दद्दा जब से बूढ़े हो गए रचना पढ़कर बुढ़ापे में व्यक्ति की किस तरह की दशा होती है इस सत्य का बोध कराया जबकि इटावा के वरिष्ठ कवि एंव कवि सम्मेलन के संयोजक कमलेश शर्मा ने अपनी प्रचलित रचना में'' राम हुऐ हैं कितने और प्रमाण दें,, सुना कर उन राजनीतिज्ञों पर करारा प्रहार किया जो राम के होने का प्रमाण मांगते हैं |कवित्री कीर्ति काले ने श्रृंगार रस की रचना ''याद कोई करता है हिचकियां बताती हैं, कौन कितना पास है दूरियां बताती हैं सुनाकर कवि सम्मेलन के माहौल को श्रंगार रस से सराबोर कर दिया इसी कडी में जब देश के प्रख्यात वरिष्ठ कवि विष्णु सक्सेना ने जब अपनी प्रचलित रचना ''दिल बीमार हो तो दवा दे दे मुझको ,तू हवा है तो कर ले हवाले मुझको ,,सुना कर कब सम्मेलन के वातावरण में आ रही सुस्तती को दूर कर लोगों को गर्मी का एहसास करा दिया |इस अवसर पर पदम अलवेला आदि कवियों ने भी एक से बढकर एक रचनायें पढकर कवि सम्मेलन में चार चाँद लगा दिये | इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह राजावत, बेटी बचाओ बेटी पढाओ प्रकल्प की प्रदेश सह संयोजिका मंजू सिंह , भाजपा के जिला महामंत्री रजनीश पांडे, भाजपा महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष निर्मला सिंह चौहान ,प्रबंधक नीरज सिंह सेंगर ,प्रधानाचार्य डीपी सिंह यादव, डाक्टर श्याम नरेश दुबे , राजेश यादव, मोनू भदोरिया ,कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष व्योमेश सिंह सेंगर ,अनिल त्रिपाठी , प्रतिमा लक्ष्मी जादौन, सूरज चौहान, मनोज शुक्ला, आदि के अलावा समारोह के व्यवस्थापक शिव प्रताप सिंह सेंगर , हरी सिंह सेंगर , एसके सिंह सेंगर ,एनसीसी कमांडर विनोद सिंह कुशवाह, पीटीआई उदय प्रताप सिंह जादौन , पिन्टू सेंगर आदि मौजूद थे। इस अवसर पर हैलीकाप्टर दुर्घटना में बीते दिनों भारतीय सेना के शहीद हुऐ सीडीएस बिपिन रावत सहित एक दर्जन अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। श्री गजेंद्र सिंह पब्लिक इंटर कॉलेज की प्रबंधक एंव समारोह की आयोजिका मंजू सिंह सेंगर ने सभी कवियों को जहाँ शॉल उड़ाकर प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया वही कवि सम्मेलन की सफलता के लिए सभी का आभार प्रकट किया।
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