जनपद में आज पीएम सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाएगा
पोषण व परिवार नियोजन पर भी रहेगा जोर
इटावा।।मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और गर्भवती को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से जिला महिला अस्पताल सहित स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएसए) दिवस कल (10 सितंबर) को मनाया जाएगा। इसके तहत गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेगनेंसी) की पहचान, पोषण, परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के चयन के बारे में काउंसलिंग की जाएगी। इसके साथ ही कोविड-19 से बचाव के लिये जारी किए गए प्रोटोकॉल का भी पालन किया गया। जिला महिला अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ कजली गुप्ता का कहना है कि मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के जरिए परिवार नियोजन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। डॉ गुप्ता ने बताया कि हर माह की 9 तारीख को यह दिवस मनाया जाता है, लेकिन हरितालिका तीज के कारण यह दिवस 10 सितंबर को मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिला महिला अस्पताल में गर्भवती के लिये जांच शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया गर्भवती आरसीएच नंबर की फील्डिंग के लिए विशेष काउंटर बनाया गया है ।जिन गर्भवती महिलाओं का बैंक में अकाउंट नहीं है उनका अकाउंट खुलवाने के लिए भी एक काउंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा इस दिवस पर जांच कराने आने वाली गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक स्वल्पाहार का भी वितरण सदर विधायक का द्वारा किया जाएगा,साथ ही उन्हें गर्भावस्था में पौष्टिक भोजन की प्रासंगिकता के बारे में भी बताएंगे। उन्होंने सभी आशा बहू से अपील की सभी अपने क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर ले जाकर अवश्य जांच कराएं।
आरसीएच नोडल डॉ सुशील कुमार ने बताया कल जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाएगा। सभी महिलाएं अपनी जांच के लिए अपने नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों पर इन निशुल्क सुविधाओं का लाभ लें-
पीएमएसएमए पर गर्भवती को मिलती हैं यह सुविधाएं
• समस्त गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच जैसे हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन जांच, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लड प्रेशर, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचे की जाती हैं।
• समस्त गर्भवती के गर्भ का द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास में कम से कम एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा एलोपैथिक चिकित्सक की देख-रेख में निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।
• टिटनेस का टीका,आयरन व कैल्शियम सहित अन्य आवश्यक दवाएं दी जाती हैं।
• हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान,प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित किया जाता है।
• पोषण,परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के लिये काउंसलिंग भी की जाती है।
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