उत्तर प्रदेश न्यूज 21/ऑल इंडिया प्रेस एशोशियेशान
इटावा।बरसात के मौसम में बच्चों में होने वाली बीमारियां मौसम में नमी के कारण जीवाणुओं और कीटाणुओं के पनपने की अनुकूल परिस्थिति में बढ़ जाती है।अक्सर इस मौसम में बुखार, सर्दी,जुखाम डायरिया,डेंगू,चिकनगुनिया, मलेरिया,त्वचा संबंधी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बरसात में होने वाली बीमारियों से बच्चों को बचाना जरूरी है यह कहना है जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ० एस आलम का।
डॉ आलम ने बताया कि बरसात के मौसम में बच्चों का ध्यान रखना जरूरी होता है अलग-अलग उम्र में बच्चों को अलग-अलग बीमारियां होती है।नवजात शिशु या 1 साल के बच्चे को संक्रमण का बहुत खतरा होता है।उन्हें त्वचा संबंधी समस्याएं, निमोनिया,डायरिया आदि का खतरा ज्यादा रहता है। क्योंकि इस मौसम में साफ सफाई रखना जरूरी है ताकि बच्चे चलें या मुंह में हाथ डाले तो संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। एक दो साल से ऊपर के बच्चों में हाइजीन के प्रति लापरवाही है तो वह मौसमी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं।वायरल बुखार जुखाम टाइफाइड, डेंगू ,चिकनगुनिया,मलेरिया जैसी बीमारी भी होने लगती है।
डॉ आलम ने बताया इस समय जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 100 बच्चे सर्दी,खांसी, जुखाम,डायरिया जैसी बीमारियों से ग्रस्त होकर आते हैं ।उन्हें समय-समय पर उचित परामर्श व दवाइयां उपलब्ध कराई जाती है।
साथ ही कहा कि इस मौसम में बच्चों की पाचन शक्ति पर प्रभाव पड़ता है इसलिए उन्हें तला भोजन कम दें। साफ पानी पिलाए ,संतुलित और पौष्टिक आहार दें साथ ही साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। जो बच्चे 6 माह तक के हैं उन्हें स्तनपान अवश्य कराएं क्योंकि मां का दूध संक्रमण होने से बचाता है।
बरसात के मौसम मैं बीमारियों से बचाव
बच्चों को इस मौसम में सर्दी खांसी जुकाम बुखार आए , दूध ना पिए , पेट दर्द हो , कई बार उल्टी आए , सुस्त रहे या सांसे तेज चले ,या कहीं से खून आए , शरीर पर चकत्ते पड़े, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बिना डॉक्टर के परामर्श के कोई दवा ना दें।
इन बातों का रखें ध्यान
-शिशु को स्तनपान अवश्य कराएं
- साफ और ताजा पानी दें
- बाजार का कुछ मत खाएं
- बच्चों को हल्के और ढीले कपड़े पहनाए।
-मच्छरों से बचाव करें।
- बच्चे को बार-बार साफ पानी पिलाएं।
- घर के सदस्य बाहर जाए तो मास्क लगा कर जाए ताकि वो बाहर से गलती से कोरोना का का इंफेक्शन घर में बच्चाें का ना दें । कोई भी बुखार जो तीन दिन से ज़्यादा हो गया है उसको गम्भीरता से लें और विशेशज्ञ को दिखाएं।
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