उत्तर प्रदेश न्यूज21/ऑल इंडिया प्रेस एसोसिएशन
इटावा।आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी,सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी यह इस बार विश्व जनसंख्या दिवस की थीम है। जनपद में रेड क्रॉस सोसाइटी ,इटावा और नारायण ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट ,इटावा के संयुक्त तत्वाधान में नारायण ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में शनिवार को एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय वर्तमान समय में 'जनसंख्या नियंत्रण में समाज एवं सरकार की भूमिका'था,।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती को नमन करते हुए विशिष्ट अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।नारायण ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के प्रधानाचार्य डॉ धर्मेंद्र शर्मा ने अपने सभी अतिथियों का स्वागत किया ।और संगोष्ठी की अध्यक्षता विजय शंकर वर्मा अध्यक्ष- प्रबन्ध समिति केके पी जी कालेज,इटावा ने करते हुए विषय पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा वर्तमान समय में जनसंख्या नियंत्रण के लिए सरकार के तमाम प्रयासों के बाद ही जनसंख्या की वृद्धि थम नहीं रही है। इसलिए सरकार के प्रयासों में दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन और तेजी से होना चाहिए। रेड क्रॉस सोसायटी सचिव हरि शंकर पटेल ने संगोष्ठी के विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा समाज के गरीब व पिछड़े वर्ग को जनसंख्या नियंत्रण में अपनी भागीदारी निभाने के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता हो और इन सभी को परिवार नियोजन संसाधनों को अपनाना चाहिए।
रेड क्रॉस सोसाइटी इटावा के चेयरमैन डॉ केके सक्सेना ने कहा जनसंख्या स्थिरीकरण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ धर्माचार्य, सामाजिक चिंतकों ,स्वयंसेवी संस्थाओं, राजनीतिज्ञों ,समाज सुधारो को एक मंच पर आकर सकारात्मक और प्रेरक वातावरण का निर्माण कर दृढ़ संकल्प शक्ति से सक्रियता दिखाते हुए लक्ष्य की प्राप्ति करनी चाहिए।
इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ पद्मा त्रिपाठी विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र (केकेपीजी कॉलेज इटावा )ने भी जनसंख्या नियंत्रण में समाज एवं सरकार की भूमिका पर विस्तार पूर्वक अपने विचारों को बताया और उन्होंने कहा वर्तमान समय में सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है लेकिन समाज के लोगों की भी भागीदारी आवश्यक है।उन्होंने बताया सरकार द्वारा चलाए गए दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा जो 27 जून से 10 जुलाई तक मनाया गया। उसके द्वारा जनमानस को परिवार नियोजन कार्यक्रम के बारे में उचित परामर्श व निर्देशन दिया गया ।और 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जाएगा यह सरकार का एक सराहनीय कदम है। और इन पखवाड़ों में केवल सरकारी प्रयास से काम नहीं चलेगा इनको सफल बनाने के लिए जनमानस की भागीदारी विशेष महत्व रखती है।
उन्होंने बढ़ती जनसंख्या पर व्यंग करते हुए जाने-माने अर्थशास्त्री माल्थस के एक कथन का उदाहरण दिया "प्रकृति की मेज पर सीमित अतिथियों की व्यवस्था की गई है, बिना निमंत्रण आओगे तो भूखा मरना पड़ेगा" उनका कहने का तात्पर्य था प्राकृतिक संसाधन सीमित है और जनसंख्या असीमित होती जा रही है। इसलिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे परिवार नियोजन कार्यक्रम के प्रति पुरुष व महिलाओं और लघु वर्ग परिवारों को परिवार नियोजन के कार्यक्रमों के प्रति जागरूक होकर इनको अपनाना चाहिए। और जनसंख्या नियंत्रण में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।
संगोष्ठी के समापन भाषण में रेड क्रॉस सोसाइटी के वाइस पैटर्न व राज्य कर्मचारी सयुंक्त परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष- इंजीनियर हर किशोर तिवारी ने कहा हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है।इस दिवस को केवल एक दिन के लिए महत्व न-दिया जाए इस दिवस की प्रासंगिकता को समझना सरकार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है,इसलिए सरकार को दृढ़ निश्चय कर नीतियों को लागू करना चाहिए ।और जनमानस को जनसंख्या नियंत्रण नीतियों को अपनाकर इस ज्वलंत समस्या को समाप्त करने में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।
आयोजित संगोष्ठी के उक्त कार्यक्रम में डॉ आरके त्रिपाठी,रेड क्रॉस सोसाइटी इटावा के चेयरमैन डॉ केके सक्सेना, हरि शंकर पटेल सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी ,सदस्य व वॉलिंटियर्स राजेश वर्मा ,मनोज तिवारी ,जितेंद्र कुमार ,और नारायण ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के अध्यापक व अध्यापकों और कर्मचारियों ने भी प्रतिभाग किया और कार्यक्रम का सफल संचालन गौरव अग्रवाल एंव हरीशंकर पटेल ने सयुंक्त रूप से किया।
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