*पेट की खातिर पढ़ने लिखने की उम्र में कबाड़ा बीन रहे नौनिहाल*
*अधिकांश कबाड़ी नन्हे मुन्नो से कबाड़ा बीनने के नाम पर कराते चोरी प्रशासन साधे चुप्पी*
*बिधूना,औरैया।* भले ही सरकार द्वारा बाल श्रम शोषण पर प्रतिबंध लगाने व 5 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक बच्चे का स्कूल में पंजीकरण कराने के दावे किए जाते हैं लेकिन बिधूना तहसील क्षेत्र में यह सरकारी दावे हवा-हवाई होते साबित नजर आ रहे हैं पढ़ने लिखने की उम्र में नन्हे मुन्ने कबाड़ा बीनते दिख रहे हैं वही अधिकांश कबाड़ी नौनिहालों से कबाडा बीनने के नाम पर चोरियों को भी अंजाम दिलाते हैं। क्षेत्र में बाल श्रम शोषण सरेआम होने के बावजूद संबंधित अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं जिससे नौनिहालों का भविष्य चौपट हो रहा है।
यूं तो सरकार 5 वर्ष से अधिक आयु के सभी बच्चों को स्कूलों में दाखिल कराने और बाल श्रम शोषण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के दावे कर रही है लेकिन बिधूना तहसील क्षेत्र में यह सरकारी खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। हालत यह है कि बिधूना नगर के साथ अछल्दा नेविलगंज कुदरकोट एरवाकटरा बेला सहार याकूबपुर मल्हौसी रामगढ उमरैन वैवाह आदि कस्बों में पढ़ने लिखने की उम्र में नन्हे मुन्ने बच्चे कबाड़ा बीनते सरेआम नजर आ रहे हैं। यही नहीं इन कस्बों में कई दुकानों के साथ ही लहसुन प्याज की मंडियों खेतों में भी नौनिहाल पेट की खातिर काम करते नजर आ रहे हैं जिससे सरेआम बाल श्रम शोषण होने के बावजूद संबंधित अधिकारी पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। बिधूना नगर के प्राचीन दुर्गा मंदिर के समीप कबाड़ा बिन रहे 8 वर्षीय पांडे व 7 वर्षीय सुमित निवासी कीरतपुर थाना बिधूना से जब पूछा गया कि वह पढ़ने लिखने की उम्र में कबाड़ा क्यों बीन रहे तो दोनों ने जवाब दिया कि पेट भरने के लिए कबाड़ा बीनते हैं घर में उन्हें तभी खाना मिलता हैं जब वह कबाड़ा बीन कर और बेंचकर पैसा कमा कर ले जाते हैं। ऐसे ही तमाम नौनिहालों का भी यही जवाब है कि पेट की खातिर कबाड़ा बीनना काम करना उनकी मजबूरी है। चर्चा आम यह भी है कि अधिकांश कबाड़ी नन्हे-मुन्ने बच्चों के माध्यम से कबाड़ा बीनने के नाम पर चोरी भी करवाते हैं ताकि पकड़े जाने पर इन नन्हे मुन्ने को लोग दया कर छोड़ देते हैं और कबाड़ी चोरी का सामान खरीदकर मालामाल होते हैं। कुलश्रेष्ठ द्विवेदी एडवोकेट सुनील कुमार सिंह एडवोकेट सुरेंद्र दुबे पप्पू सेंगर आदि खेती जागरूक लोगों ने जल्द बाल श्रम शोषण पर रोक लगाने कि जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर मांग की है। इस संबंध में पूछे जाने पर उप जिलाधिकारी राशिद अली ने कहा है मामले की जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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