पुलिस ने दबोचे पांच अंतरजनपदीय लुटेरे, लिफ्ट देने के बहाने वारदात को देते थे अंजाम,हुआ भंडाफोड़
एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि लुटेरों की धरपकड़ के लिए स्वाट टीम प्रभारी रणजीत राय को जिम्मेदारी दी गई थी। रविवार को स्वाट टीम ने तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में फगुहा भट्ठा के पास एक्सप्रेस-वे के अंडरपास के नीचे से पांच लुटेरों को पकड़ा
सोमवार को एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि लुटेरों की धरपकड़ के लिए स्वाट टीम प्रभारी रणजीत राय को जिम्मेदारी दी गई थी। रविवार को स्वाट टीम ने तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में फगुहा भट्ठा के पास एक्सप्रेस-वे के अंडरपास के नीचे से पांच लुटेरों को पकड़ा। इनमें जनपद हरदोई के थाना कछौना अंतर्गत ग्राम बालामऊ निवासी करन गिहार पुत्र मुन्ना, कोतवाली छिबरामऊ के ग्राम बहबलपुर निवासी कुंदन उर्फ करिया पुत्र सूबेदार गिहार व ग्राम भारापुर निवासी श्याम दुबे पुत्र नंदकिशोर, भाउलपुर कसावा निवासी शिवम पुत्र हरीराम जाटव तथा जनपद फर्रुखाबाद के लकूला निवासी सचिन गिहार पुत्र शेर सिंह हैं। इनके पास से एक बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार, एक सोने की जंजीर, एक मोबाइल फोन, 21,500 रुपये नकद, दो तमंचे व चार कारतूस बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि लुटेरों को पकडऩे वाली पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का इनाम दिया गया है। पांचों लुटेरों के खिलाफ कई जिलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
पकड़े गए लुटेरों ने बताया कि वह कम किराए का लालच देकर रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड के बाहर से सवारियां बिठाते हैं। सुनसान स्थल पर यात्री को लूटकर उसे नीचे उतार देते हैं तथा विरोध करने पर मारपीट करते हैं और तमंचा दिखाकर डराते भी हैं। अब तक जनपद हरदोई, शाहजहांपुर, सीतापुर, लखनऊ, कानपुर, औरैया, इटावा, आगरा आदि जनपदों में लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। लूटी गई रकम कम होने के कारण कई लोग मुकदमा नहीं लिखाते हैं, जिससे वह पुलिस से भी बच जाते हैं।
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