खूनी संघर्ष के बाद पुलिस ने 2 को गिरफ्तार कर दर्ज किया मुकदमा,जानिए पूरा मामला

अपर पुलिस अधीक्षक डा. अरविंद ने बताया कि आल्हा दबंग किस्म का व्यक्ति था। उस पर 21 मुकदमे दर्ज हैं। बताया जाता है अप्रैल माह में उसने शेरा का भूसा दबंगई के बल पर भर लिया था। आल्हा का भाई शेरा का दोस्त है।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम: सदर कोतवाली के गांव भवानीपुर प्रताप निवासी सूरज ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि सोमवार रात करीब 11 बजे शेरा और शिवा गली में तमंचा लेकर घूम रहे थे। जब उसके पिता आल्हा ने मना किया तो आरोपितों ने तमंचे से उसके पिता पर फायर कर दिया। गोली आल्हा के पेट के नीचे लगी। स्वजन उसे एंबुलेंस से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान आल्हा की मंगलवार सुबह मौत हो गई। ग्रामीणों का दावा है कि आल्हा का शेरा से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ा तो शेरा ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध पर शेरा ने आल्हा के गोली मार दी। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि आल्हा हिस्ट्रीशीटर था। उस पर लूट, अपहरण, हत्या जैसे 21 मुकदमे कन्नौज, हरदोई और फर्रुखाबाद जिलों में दर्ज हैं, जबकि शिवा पर पांच मुकदमें सदर कोतवाली में दर्ज हैं। बताया कि दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। रात में ही सूरज की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
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