उत्तर प्रदेश न्यूज21/ऑल इंडिया प्रेस एसोसिएशन संवाददाता
इटावा। उत्तर प्रदेश में इटावा व औरैया जिले में स्थापित 124 सहकारी समितियाें को अगले साल अप्रैल तक मिनी बैंक बनाया जायेगा,जिससे स्थानीय लोगों को फायदा मिलेगा । जिला सहकारी बैंक के सचिव कुलदीप सिंह ने आज यहां बताया कि इन समितियों के माध्यम से सहकारी बैंक की सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा । शासन के निर्देश पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अगले साल अप्रैल से पहले सहकारी समितियों को बैंकिंग से जोड़ दिया जाएगा। आने वाले समय में ये मिनी बैंक किसानों के लिए बहुत लाभदायक साबित होगी।
उन्होंने बताया कि सहकारिता की मूल इकाई सहकारी समिति के तहत प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) की तस्वीर अब बदलने वाली हैं ।
उन्होंने बताया कि सहकारिता की मूल इकाई सहकारी समिति के तहत प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) की तस्वीर अब बदलने वाली हैं ।
नए साल की शुरुआत तक इन समितियों पर बैंकिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी
पहले चरण में इटावा और औरैया की 124 सहकारी समितियों को मिनी बैंक के रूप में विकसित किया जाएगा । बैंक आपके द्वार योजना के तहत बैंक प्रतिनिधि किसानों के घर जाकर उनकी बैंकिंग संबंधी जरूरतों को पूरा करेगा । इससे सहकारी समितियों की बदहाली भी दूर होगी और गांव के किसानों को लेनदेन के लिए गांव से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सहकारिता को मजबूत बनाने के लिए इन समितियों को मिनी बैंक में तब्दील करने की योजना है। इस योजना को लागू करने के लिए एक व्यवसाय प्रतिनिधि रखा जाएगा। जिसे प्रशिक्षित कर इस योजना का संचालन करने का जिम्मा सौंपा जाएगा । प्रतिनिधि नया खाता खोलने सहित बैंकिंग से जुड़ी सभी सुविधाओं को गांव-गांव पहुंचकर उपलब्ध कराएगा। इसके लिए उसे पांच हजार रुपये मासिक मानदेय और बेहतर कार्य पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिन सहकारी समितियों को बैंकिंग सेवाओं के लिए विकसित किया जाएगा, उन्हें माइक्रो एटीएम की सुविधा भी दी जाएगी। इनके माध्यम से जमा, निकासी और खाता खोलने की सुविधा किसानों को प्रदान की जाएगी। प्रतिनिधि किसानों के घर-घर जाकर खाता खोलने का काम करेगा। जो लोग अभी बैंकिंग सुविधा से वंचित हैं, उन्हें इससे जोड़ना प्राथमिकता होगी।
पहले चरण में इटावा और औरैया की 124 सहकारी समितियों को मिनी बैंक के रूप में विकसित किया जाएगा । बैंक आपके द्वार योजना के तहत बैंक प्रतिनिधि किसानों के घर जाकर उनकी बैंकिंग संबंधी जरूरतों को पूरा करेगा । इससे सहकारी समितियों की बदहाली भी दूर होगी और गांव के किसानों को लेनदेन के लिए गांव से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सहकारिता को मजबूत बनाने के लिए इन समितियों को मिनी बैंक में तब्दील करने की योजना है। इस योजना को लागू करने के लिए एक व्यवसाय प्रतिनिधि रखा जाएगा। जिसे प्रशिक्षित कर इस योजना का संचालन करने का जिम्मा सौंपा जाएगा । प्रतिनिधि नया खाता खोलने सहित बैंकिंग से जुड़ी सभी सुविधाओं को गांव-गांव पहुंचकर उपलब्ध कराएगा। इसके लिए उसे पांच हजार रुपये मासिक मानदेय और बेहतर कार्य पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिन सहकारी समितियों को बैंकिंग सेवाओं के लिए विकसित किया जाएगा, उन्हें माइक्रो एटीएम की सुविधा भी दी जाएगी। इनके माध्यम से जमा, निकासी और खाता खोलने की सुविधा किसानों को प्रदान की जाएगी। प्रतिनिधि किसानों के घर-घर जाकर खाता खोलने का काम करेगा। जो लोग अभी बैंकिंग सुविधा से वंचित हैं, उन्हें इससे जोड़ना प्राथमिकता होगी।
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