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संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाया जाए - डीएम

उत्तर प्रदेश न्यूज21/ऑल इंडिया प्रेस एसोसिएशन

 घर घर जाकर दस्तक अभियान को सफल बनाया जाए - डीएम

 एक जुलाई से चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान

 ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या ना हो, नालो एवं तालाबों की हो नियमित साफ-सफाई

औरैया।शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को दूर किया जाए, नालियों के ऊपर जो अतिक्रमण है उसे हटाया जाए, नाले और नालियों की साफ-सफाई की जाए, तालाबों पर अतिक्रमण हो तो उसे हटा कर तालाबों की सफाई की जाए, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फागिंग एवं एंटी लारवा का छिड़काव किया जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारियों को *विशेष संचारी रोग अभियान* को सफल बनाने हेतु आहूत बैठक के दौरान दिये। दरअसल सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बैठक आहूत की गई। जनपद में *एक जुलाई से 31 जुलाई* तक  संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु अभियान चलाया जाएगा। इसी बीच *12 से 25 जुलाई तक* घर-घर जाकर दस्तक अभियान भी चलाया जाएगा। बैठक में *जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा* ने स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सभी संबंधित विभागों को उनके दायित्व समझाते हुए इस अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य सभी विभाग सामंजस्य बनाकर कार्य करें और दोनों अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों के साथ बैठक कर नाले नालियों तालाबों की साफ-सफाई. फागिंग, एण्टी लार्वा का छिड़काव, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता आदि की प्रतिदिन समीक्षा करें।
उन्होंने कहा कि दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी कार्य किए जाए। अभियान की सफलता के लिए समय से माइक्रो प्लान, कम्यूनिकेशन प्लान तैयार कर लिया जाए। साफ सफाई, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, फागिग आदि कार्य समय से शुरू कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों में एंटीलार्वा का छिड़काव, झाड़ियों की काटछाट का कार्य पूरा करें। पशुपालन विभाग द्वारा सुकर पशुपालकों को गंदगी न फैलाने के बारे में निर्देशित किया जाये। बाल विकास विभाग आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार के लिए प्रशिक्षण प्रदान कर अभियान में लगाए। टीकाकरण के साथ-साथ कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर पोषाहार वितरित किया जाए। आशा कार्यकर्ता संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की सभी गतिविधियों में सहयोग प्रदान करें।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में कई विभागों का सहयोग लिया जाएगा जिसमें चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में नोडल विभाग चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोगियों का उपचार, जन जागरूकता अभियान, संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार के रोगियों की निगरानी, रोगियों के निशुल्क परिवहन हेतु रोगी वाहन की सेवा की व्यवस्था मॉनिटरिंग, पर्यवेक्षण, रिपोर्टिंग, अभिलेखीकरण , विश्लेषण, आदि किया जायेगा।पंचायती राज विभाग एवं ग्राम विकास विभाग द्वारा ग्रामों में नालियों की साफ-सफाई, जलभराव का निस्तारण, उथले हैंडपंप को लाल रंग से चिन्हीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी के बीच वाले तालाबों को अपशिष्ट एवं प्रदूषण मुक्त रखने की कार्रवाई की जाएगी।
आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार तथा आशा एवं एएनएम कार्यकत्रियों के सहयोग से क्षेत्र में जन जागरण किया जायेगा।_ 
शिक्षा विभाग द्वारा सभी विद्यालयों में स्वास्थ्य नोडल अध्यापक चिन्हित कर जनपद स्तर पर डायरेक्टरी तैयार करना, अध्यापक अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप द्वारा ऑडियो वीडियो कम्युनिकेशन द्वारा मीटिंग तथा संचारी रोगों की रोकथाम, सोशल डिस्टेंसिंग एवं साफ सफाई के बारे में जानकारी दी जायेगी।_ 
नगर निकायों द्वारा शहर में संचारी रोगों की रोकथाम, साफ सफाई, नालियों एवं कचरे की सफाई, फागिंग लार्बीसाइडल स्प्रे कराना, मच्छर जनक स्थितियां पैदा करने वाले व्यक्तियों संस्थानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करना, खुली नालियों को ढकना, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हेतु हैंडपंप की रीबोरिंग की जायेगी।_
पशुपालन विभाग द्वारा आबादी वाले क्षेत्रों से सूकर बाड़ो को दूर रखने हेतु जागरूक करना, जानवरों के पालन स्थल को स्वच्छ रखने हेतु जागरूक करना तथा *कृषि विभाग* द्वारा आवासीय क्षेत्रों के आसपास छछूंदर चूहों आदि को नियंत्रित करने का कार्य किया गया जायेगा। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उच्च रोगभार वाले ग्रामों को प्राथमिकता के आधार पर खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा।
14 दिनों तक चलेगा दस्तक अभियान
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शिशिर पुरी ने बताया कि 12 से 25 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा जिसमें घर घर भ्रमण कर आशा कार्यकत्रियों द्वारा संचारी रोगों दिमागी बुखार, कोविड-19 की जानकारी दी जाएगी। बुखार के केस चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाएगी।
दस्तक अभियान के दौरान आशा एवं आंगनवाडी कार्यकत्री प्रत्येक मकान पर छय रोग के संभावित रोगियों के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे तथा छय रोग के लक्षणों वाले किसी भी व्यक्ति की सूचना प्राप्त होने पर इसका पूर्ण विवरण क्षेत्रीय एएनएम के माध्यम से ब्लॉक मुख्यालय पर उपलब्ध कराएंगे। दस्तक अभियान के दौरान घर-घर भ्रमण कर आशा कार्यकत्रियों के द्वारा जन्म तथा मृत्यु पंजीकरण से छूटे हुए शिक्षकों एवं व्यक्तियों का पंजीकरण किया जाएगा। कुपोषित बच्चों की सूची तैयार की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि दस्तक अभियान को सफल बनाया जाए इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाए। इस दौरान कोविड-19 के निर्देशों का पालन अवश्य किया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक बाबू मिश्रा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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