*गोवंश आश्रय स्थलों के उचित संचालन हेतु समझौता पत्र किए गए जारी*
*औरैया * - जनपद में संचालित गोवंश आश्रय स्थलों का उचित संचालन हेतु जनपद स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में संचालित 34 गोवंश आश्रय स्थल का उचित संचालन तथा उन्हें संरक्षित गोवंशो के समुचित भरण-पोषण उन्हें स्वस्थ हष्ट पुष्ट बनाए रखने व उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु गोवंश संरक्षण में रुचि रखने वाली स्वैच्छिक संस्थाओं संगठन कृषि उत्पादक संगठनों गैर सरकारी संगठनों एवं स्वयं सहायता समूह की सहभागिता हेतु समझौता पत्र जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे संरक्षक गोवंश की सुचारू रूप से देखभाल हो सकेगी।_
*समझौता पत्र के कुछ उपबन्ध एवं शर्तें ये रहे।*
💎 _गोवंश आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश की गणना ईयर टैगिंग के आधार पर की जाएगी जिसमें 6 माह तक आयु के दूध पीते बछड़े बछिया सम्मिलित नहीं किए जाएंगे उनकी गिनती मां के साथ होगी तथा संरक्षित गोवंश की बिक्री किसी भी दशा में अनुमन्य नहीं होगी।_
💎 _संबंधित संस्था द्वारा 30 रूपये प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से भरण पोषण हेतु अनुमन्य ने धनराशि के अंतर्गत पर्याप्त मात्रा में संतुलित आहार, भूसा, हरा चारा एवं दाने की व्यवस्था करनी होगी।_
💎 _ संबंधित संस्था द्वारा आवश्यकतानुसार एवं नियमानुसार ग्राम स्तरीय समिति जिसमें ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव एवं लेखपाल सदस्य होंगे से अनुमोदन के उपरांत सेवादारों की व्यवस्था गोवंश आश्रय स्थलों पर की जाएगी। सेवादारों का पारिश्रमिक भुगतान राज्य वित्त से किया जाएगा। सेवादारों का पारिश्रमिक ₹5000 प्रति माह निर्धारित किया गया है।_
💎 _जिला स्तरीय समिति द्वारा हरे चारे की व्यवस्था की जाएगी जिसमें ज्वार ,बाजरा एवं जई ₹120 प्रति कुंतल, बरसीम एवं नेपियर घास ₹100 प्रति क्विंटल, मक्का 150 रुपए प्रति कुंतल सामान्य घास 75 के प्रति कुंटल है।_
💎 _विभिन्न प्रकार की फसलें कटने के बाद फसल अवशेष जैसे पराली /घास आदि की कटाई एवं भूसे में परिवर्तित करने तथा गोवंश आश्रय स्थल तक पहुंचाने डुलाई की मजदूरी का भुगतान पंचायती राज के शासनादेश के अनुसार ग्राम पंचायत के राज्य वित्त की धनराशि से किया जा सकता है।_
إرسال تعليق
If You have any doubts, Please let me know