उत्तर प्रदेश न्यूज21/ऑल इंडिया प्रेस एसोसिएशन
इटावा:कोविड 19 के दौर में भी स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती की सेहत का पूरा ख्याल है | गर्भवती व गर्भस्थ शिशु दोनों स्वस्थ और सुरक्षित रहें, इसलिए हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएसएमए) दिवस स्वास्थ्य केंद्रों पर मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान केंद्र सरकार की एक पहल है, इसमें हर महीने की नौ तारीख को गर्भवती की पूर्ण जाँच की जाती है। इसके जरिये पता लगाया जाता है कि गर्भवती कहीं कोई उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) में तो नहीं है। यदि महिला इस वर्ग में आती है तो उसकी विशेष देखभाल की जाती है |
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ अशोक जाटव ने कहा – कोरोना काल में भी गर्भवती अपना विशेष ध्यान रखें और इस अवस्था में ज्यादा तनाव न पालें, क्योंकि तनाव में रहने से गर्भस्थ शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ेगा | समय-समय पर जिला महिला अस्पताल जाकर जांच करा लें।
आरसीएच नोडल अधिकारी डॉ सुशील कुमार ने बताया - कोरोना काल में भी सफलतापूर्वक प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाता रहा है । इसलिए बुधवार को आयोजित होने वाले इस दिवस पर गर्भवती निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर निशुल्क जांच कराएं और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें, घर से निकलते वक्त मास्क अवश्य लगाएं।
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता/ डिस्ट्रिक्ट मैटरनल हेल्थ कंसलटेंट/(DMHC)सी पी सिंह ने बताया जनपद में बुधवार को सभी 8 सीएचसी, 6 यूपीएचसी, सैफई मेडिकल कॉलेज ,जिला महिला अस्पताल पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सीपी सिंह ने बताया हर स्वास्थ्य केंद्र पर जहां प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा दिवस मनाया जाएगा वहां पर परिवार नियोजन स्टॉल भी लगेगी जिसमें गर्भवती को प्रसव के बाद किस तरह गर्भनिरोध के लिए सुविधाएं मिलती हैं और उसके उनके साथ आए लोगों की काउंसलिंग प्रशिक्षित स्टाफ, एएनएम, नर्स के द्वारा की जाएगी।
क्या है उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वह अवस्था है जिसमें माँ या उसके भ्रूण के स्वास्थ्य या जीवन को खतरा होता है, किसी भी गर्भावस्था में जहाँ जटिलताओं की संभावना अधिक होती है, उस गर्भावस्था को हाई रिस्क प्रेगनेंसी या उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में रखा जाता है | इस तरह की गर्भावस्था को प्रशिक्षित चिकित्सक की विशिष्ट देखभाल की आवश्यकता होती है |
इनको रखते हैं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की श्रेणी में
• कम उम्र में गर्भावस्था
• कम वजन
• ज्यादा उम्र (35 वर्ष से अधिक)
• गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप
• गंभीर एनीमिया (7 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन)
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर आने वाली समस्त गर्भवती की आवश्यक प्रसव पूर्व जांच, ब्लड प्रेशर,वजन, रक्त व पेशाब की जांच,मधुमेह एचआईवी , अल्ट्रासाउंड जांच आदि निशुल्क कराई जाती है।
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