उत्तर प्रदेश न्यूज21/ऑल इंडिया प्रेस एसोसिएशन
औरैया, - उत्तर प्रदेश के इटावा में गैंगस्टर व अन्य आपराधिक मामलों में निरूद्ध धर्मेन्द्र यादव द्वारा जमानत पर जेल से छूटने के बाद कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए कारों के काफिले के साथ निकाली गयी रैली की जांच की आंच औरैया तक पहुंच गई है और पुलिस अधीक्षक अपर्णा गौतम ने मामले में लापरवाही बरतने के दोषी एक दरोगा व अभिसूचना इकाई के उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है। पुलिस प्रवक्ता ने सोमवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव उमरसाना निवासी धर्मेन्द्र यादव गैंगस्टर व अन्य आपराधिक मामलों में जनपद कारागार इटावा में निरुद्ध था । उसने 05 जून को जमानत पर छूटने के बाद इटावा में जुलूस के रुप में रैली निकाली गई थी।
जुलूस में औरैया से भी गाड़ियां सम्मिलित हुई थी। जिस सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक शिष्य पाल द्वारा जांच की गई। जिसमें पाया गया कि जिले से जाने वाली गाड़ियां चौकी अनन्तराम क्षेत्र में एकत्रित हुई थी तथा वहां से काफिले के रुप में निकली थी।परन्तु चौकी प्रभारी अनन्तराम चन्द्रिका प्रसाद द्वारा इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को नही दी गई और न ही काफिले की गाड़ियों के विरुद्ध कोविड-19 के नियमों के उल्लंघन के सम्बन्ध में कोई विधिक कार्यवाही की ।
अनन्तराम चौकी क्षेत्र में लगभग 30-40 वाहन एकत्रित हुए थे किन्तु इस सम्बन्ध में स्थानीय अभिसूचना इकाई के उपनिरीक्षक भूपेन्द्र नाथ द्वारा अभिसूचना संकलन के दायित्व का भी निर्वहन नहीं किया गया तथा वाहन एकत्रित होने के सम्बन्ध में कोई सूचना उच्चाधिकारियों को प्रेषित नही की गई। जांचोपरांत इस लापरवाही के कारण उपनिरीक्षक चन्द्रिका प्रसाद व भूपेन्द्र नाथ को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।
अनन्तराम चौकी क्षेत्र में लगभग 30-40 वाहन एकत्रित हुए थे किन्तु इस सम्बन्ध में स्थानीय अभिसूचना इकाई के उपनिरीक्षक भूपेन्द्र नाथ द्वारा अभिसूचना संकलन के दायित्व का भी निर्वहन नहीं किया गया तथा वाहन एकत्रित होने के सम्बन्ध में कोई सूचना उच्चाधिकारियों को प्रेषित नही की गई। जांचोपरांत इस लापरवाही के कारण उपनिरीक्षक चन्द्रिका प्रसाद व भूपेन्द्र नाथ को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।
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