उत्तर प्रदेश न्यूज21
उत्तर प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर बेकाबू होती जा रही है। आलम यह है कि 29 जिलों में एक्टिव केस की संख्या 100 के पार हो गई है। सबसे ज्यादा भयावह स्थित राजधानी लखनऊ की है। यहां बीते 24 घंटे में 31 संक्रमितों की मौत हुई है। जबकि बीते दस दिन में 120 लोगो की मौत हुई । लेकिन लखनऊ के श्मशान घाटो व कब्रिस्तानों में हालात सरकारी दावों से उलट हैं।
VVIP रोड आलमबाग, भैसा कुंड और ऐशबाग कब्रस्तान में हर दिन 80 से 100 के बीच शव बीते कई दिनों से आ रहे हैं। जिनका कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जा रहा है। जानकारी के लिये बता दे यहाँ टोकन नंबर से दाह संस्कार की प्रक्रिया हो रही है। लोग अपने परिजनों का चेहरा भी नहीं देख पा रहे हैं। अंतिम संस्कार का नंबर आने पर मृतकों के परिजनों को सूचित किया जाता हैं । रोते-बिलखते हुए चिता को जलते हुए देखते रहते हैं। बता दें कि लखनऊ में अब तक 1,332 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
जान तो चली गई भैया, बेटे की शक्ल भी नहीं देख पाए
पुराने लखनऊ की रहने वाली वर्तिका 10 दिनों से बेटे के इलाज के लिए परेशान थीं। किसी तरीके से वह भर्ती हो पाया था। भर्ती होने के बाद उसका इलाज शुरू हुआ, लेकिन रविवार उनके बेटे की मौत हो गई। कोरोना संक्रमित होने की वजह से बेटे के शव को पूरी तरीके से पैक कर दिया गया था। वर्तिका रोते हुए कहती हैं कि हम उसका चेहरा भी नहीं देख पाए। आज अंतिम संस्कार हो रहा है। मैंने दूर से देखा कि उसका शव इलेक्ट्रॉनिक शव में जा रहा है। 5 घंटे बाद हमारा नंबर आया है। अब कुछ बोलने को नहीं है।
लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है। यहां खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहते हैं। बावजूद इसके लखनऊ नगर निगम के द्वारा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में कई खामियां देखने को मिल रही हैं। नगर निगम के कुछ कर्मचारी बिना किट के श्मशान घाट पर अपनी जान जोखिम में डालकर जिम्मेदारी निभा रहे हैं। 100 कर्मचारियों की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। एक शिफ्ट में 50 कर्मचारी, दूसरी शिफ्ट में 50 कर्मचारी आते हैं।
नगर निगम के इंतजाम का दावा
लखनऊ नगर निगम का दावा है कि कोविड-19 केस की बढ़ोत्तरी के साथ मुत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है। जिसके चलते शवदाह गृह में बढ़ी संख्या में शव आ रहे हैं। अधिक शवों के आने से दाह संस्कार में देरी का सामना करना पड़ रहा था
लखनऊ में भैंसाकुड स्थित श्मशान घाट पर अव्यवस्था और शव के अंतिम संस्कार में देरी होने की खबरों के बाद नगर निगम ने 80 शव संस्कार के प्लेटफार्म तैयार किए हैं। फिलहाल बीते 24 घंटे में 60 शवों का इलेक्ट्रॉनिक और लकड़ियों से जलाकर अंतिम संस्कार किया गया है। इसी के साथ गुलालाघाट पर भी शवदाह की क्षमता बढ़ाते हुए 20 नए प्लेटफार्म के निर्माण का आदेश जारी किया गया है। ऐशबाग कब्रिस्तान में 12 दिन में 180 शव दफनाए गए हैं।
यूपी में कोरोना के हालात, 7 दिन बाद तक आ रही रिपोर्ट
बीते 24 घंटे रविवार को 15,353 नए मामले सामने आए। जबकि 67 लोगों की मौत हुई है। अब तक प्रदेश में 9,152 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। लखनऊ में सबसे अधिक 4,444 रोगी सामने आए हैं। यहां 31 संक्रमितों की जान गई। प्रदेश में 81,576 एक्टिव कोविड केस हैं। लखनऊ में 7 दिन बाद कोरोना की रिपोर्ट मिल रही हैं। जिसकी वजह से 20 हजार लोगों को कोरोना रिपोर्ट का इंतजार है। PGI, मेडिकल कॉलेज, लोहिया हॉस्पिटल, बलरामपुर हॉस्पिटल में लापरवाही सामने आ रही है।
एक टिप्पणी भेजें
If You have any doubts, Please let me know