उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता
ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे के लिए एक पारदर्शी और ग्राहक अनुकूल मैकेनिज्म (ओडीआर) विकसित करने के रिजर्व बैंक आफ इंडिया के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने बीएचआईएम यूपीआई पर यूपीआई-हेल्प की शुरुआत कर दी है. इस तरह अब बीएचआईएम यूपीआई ऐप उपयोगकर्ताओं के लिए उनकी समस्याओं का निवारण एक बेहतर और परेशानी रहित तरीके से हो सकेगा. आपको बता दें कि यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस इसमें आपकी मदद करता है. यह मोबाइल फोन के जरिये एक खाते से दूसरे में तुरंत पैसे भेजने की सहूलियत देता है. एप के जरिये पेमेंट केवल मोबाइल से किया जा सकता है.यूपीआई का इस्तेमाल करने के लिए आपके पास मेंबर बैंक का खाता होना चाहिए.
शुरू हुई नई हेल्प डेस्क
यूपीआई-हेल्प के माध्यम से बीएचआईएम यूपीआई उपयोगकर्ता निम्नलिखित कार्यों के लिए अपने ऐप का उपयोग कर सकते हैं-
1. पेंडिंग ट्रांजेक्शंस के लिए स्थिति की जांच करें
2. ऐसे लेनदेन के लिए शिकायत दर्ज करें, जिन्हें प्रोसेस नहीं किया गया है या धन लाभार्थी को नहीं मिला है
3. मर्चेन्ट ट्रांजेक्शंस से संबंधित शिकायत दर्ज कराएं
यूपीआई-हेल्प के माध्यम से व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) लेनदेन के लिए शिकायतों को ऑनलाइन हल किया जा सकता है. इसके अलावा, लंबित लेन-देन के मामले में जहां उपयोगकर्ता कोई कार्रवाई नहीं करता है, यूपीआई-हैल्प ऐप पर लेनदेन की अंतिम स्थिति को ऑटो अपडेट करने का भी लगातार प्रयास करेगा.
शुरुआती तौर पर एनपीसीआई ने भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहकों के लिए बीएचआईएम ऐप पर इस सेवा की शुरुआत कर दी है.जल्द ही पेटीएम पेमेंट्स बैंक और टीजेएसबी सहकारी बैंक के ग्राहक भी यूपीआई-हेल्प का लाभ उठा सकेंगे। यूपीआई में भाग लेने वाले अन्य बैंकों के उपयोगकर्ता आने वाले महीनों में यूपीआई-हेल्प का फायदा उठा सकेंगे.
ओडीआर को शुरू करने की आरबीआई की पहल ग्राहकों को विश्वासपूर्वक डिजिटल भुगतान को अपनाने और कैशलेस लेनदेन की राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रही है. अन्य बैंक भी ग्राहक संरक्षण के लिए फोकस्ड डिजिटल पेमेंट ईकोसिस्टम बनाने के लिहाज से यूपीआई-हेल्प को लागू करने के लिए कमर कस रहे हैं.
यूपीआई-हेल्प दरअसल फ्यूचर-प्रूफिंग ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र के लिए टैक्नोलाॅजी और इनोवेशन के मेल का एक बेहतर उदाहरण है.
यूपीआई-हेल्प की शुरुआत के बाद निश्चित तौर पर और अधिक उपयोगकर्ता पहले से अधिक विश्वास के साथ यूपीआई लेनदेन कर सकेंगे और इस तरह डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अपनाने वाले लोगों की संख्या में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी होने की संभावनाएं बनती हैं.
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