उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता
●बेहतर प्रदर्शन के लिये किया जाएगा सम्मानित
हर ब्लॉक की तीन-तीन आशा को मिलेगा सम्मान●
औरैया:केंद्र व राज्य सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं को शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आशा स्वास्थ्य सेवाओं से लोगों को जोड़ने की पहली कड़ी है। घर-घर जाकर महिलाओं और उनके परिजनों को समझाकर संस्थागत प्रसव, टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रही हैं। आशाओं के इन प्रयासों को सम्मानित करने के लिए ही प्रत्येक वर्ष आशा सम्मेलन आयोजित किया जाता है। गुरुवार को दिबियापुर स्थित नारायणी मंडपम में हर एक ब्लॉक से तीन आशाओं (प्रथम, द्वितीय, तृतीय) को सम्मानित किया जाएगा।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि समुदाय में जन जन तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुच बनाने के लिए वर्ष 2006 में आशा योजना आई। जिसके अंतर्गत आशाओं का चयन किया गया। वर्तमान में जनपद में ग्रामीण क्षेत्र में 1266 आशाएँ और शहरी क्षेत्र में 18 आशाएँ कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आशा सम्मलेन में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य मंत्री, लाखन सिंह राजपूत एवं विशिष्ट अतिथि, जिलाधिकारी सुनील वर्मा द्वारा सम्मलेन का शुभारम्भ किया जायेगा। डीसीपीएम अजय कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा आशाओं की प्रतिपूर्ति राशि में निरंतर वृद्धि हो रही है। कई गांवों में संसाधनों के अभाव होने के बाद भी आशाओं के अथक प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाया जा सका। उन्होंने कहा कि आशा वह कड़ी हैं जो पंक्ति में पीछे बैठे व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ती है। भुगतान की पारदर्शिता को देखये हुये समस्त भुगतान मोबाइल एप्लीकेशन के द्वारा किए जा रहे है। वर्तमान में प्रत्येक आशा प्रति माह 4300 रुपये की धनराशि प्राप्त कर रही है।कि 2006 के बाद जब आशाओं ने कार्य करना शुरू किया तो उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य के सर्वे 4 (एनएफ़एचएस-4) 2015-16 के अनुसार लगभग 69.2 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं संस्थागत प्रसव के लिए आने लगी और लगभग 70 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण होने लगा है।
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