उत्तरप्रदेश न्यूज21संवाद0दाता
कानपुर:विकास खण्ड रसूलाबाद की ग्राम पँचायतों में गरीबों व दिव्यांगों असहाय मजबूर लोगों के साथ आवास के नाम पर ऐसा मजाक उड़ाया गया कि जैसे वह करोड़ पति व अरब पति हों वाह भृष्टाचार के दल दल में डूबे ब्लाक के भ्रष्ट अधिकारी गरीबों के केवल इस लिए वंचित रखा जा रहा कि अधिकारियों की हूँ हजूरी नहीं कर पाए यहां तो वही कहावत सिद्ध हो गई।
अंधे ने बाँटी रेवड़ियाँ पहचान पहचान दीं
ग्राम पंचायत अमरोहिया में भी एक गरीब ब्राह्मण को वंचित रखा गया जो आज अपनी दो वक्त की रोजी रोटी खाने के लिए एक होटल पर बर्तन धोने का काम कर रहा वहीं बहापुरवा की दिव्यांग व विधवा महिला जो चलने में भी असमर्थ है वह झोपड़ी में रहने को मजबूर अनीनिवादा निवादा में एक ब्राह्मण परिवार जंगल मे झोपड़ी बना के रह रहा जो अपनी बेटी को ननिहाल में रख रहा वहीं सुनासी ग्राम पमचायत का मजरा बंसी निवादा का एक दिव्यांग को लोहिया आवास कई वर्षों से दिया जा रहा लेकिन अभी तक उसको किसी प्रकार आवास नहीं दिया गया परसौरा की रहने वाली एक दिव्यांग महिला जो 10 कदम भी नहीं चल सकती उसको भी नहीं मिला आवास कितनी ग्राम पँचायतों को लिखूं क्या यही है सरकार की मन्सा अथवा समाज मे गरीब होना एक अभिश्राप है या फिर अधिकारियों ने धृतराष्ट्र की तरह भूमिका निभानी शुरू करदी।
जहाँ सूबे की सरकार का एक ही नारा
सबका साथ सबका विकास सबका साथ को यहाँ के अधिकारी सरकार के द्वारा चलाईं जा रहीं महत्वा काँक्षी योजनाओं को पलीता लगाते नजर आ रहे सरकार की छवि धूमिल करने में लगे हुए है ऐसे ही भ्रष्टाचार में डूबे भ्रष्ट अधिकारी सरकार को मदनाम करने में लगे व किरकिरी करा रहे भ्रष्ट अधिकारियों सुधर जाओ गरीबों के अभिश्राप से बचो नहीं तो सुना होगा।हाय बुरी गरीब की हरी से सही न जाय।मरी चाम की धौकनी से सार भसम हुई जाय सरकार ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को चिन्हित कर उनके द्वारा किये गए गरीबों के प्रति सरकारी योजनाओं के माध्यम से कामों को जरूर देखें।
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