उत्तरप्रदेश न्यूज़ 21संवाददाता हृदेश कुमार फरीदाबाद.।माननीय न्यायाधीश मंगलेश कुमार चौबे सीजेएम कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद ने कहा कि 08 मार्च को यूएसए में महिलाओं के सम्मान को लेकर 150 महिलाओं ने अपने जीवन का बलिदान दिया और तभी से 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है ताकि पूरे विश्व के हर देश में हर समाज और क्षेत्र में महिलाओं को बराबर की हिस्सेदारी और बराबर का सम्मान मिले l उनके हकों अधिकारों की अनदेखी ना हो सके ।
इसलिए सभी देशों में हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है इसका उद्देश्य महिलाओं को जागरूक करना और उनके सम्मान को बरकरार रखना है हम विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने के लिए 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं। यह उत्सव उन महिलाओं के व्यक्तित्व को स्वीकार करता है जिन्होंने अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। निश्चित रूप से, महिलाओं ने समाज और देश के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महिलाएं अब पुरुषों पर निर्भर नहीं हैं। वह हर पहलू में स्वतंत्र और आत्मविश्वासी हैं और पुरुषों के बराबर प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम है सब कुछ करने में सक्षम भी हैं। महिला दिवस के अवसर पर अदालत परिसर के प्रांगण में स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में न्यायाधीश मंगलेश कुमार चौबे सीजेएम कम सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण ने देशवासियों को मातृशक्ति का संदेश दिया।
न्यायाधीश मंगलेश कुमार चौबे सीजेएम ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि नारी सृष्टिकर्ता की सर्वोत्तम कृति होती है वह सृष्टि के सम्पूर्ण
सौन्दर्य को आत्मसात किए रहती है
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