तंबाकू का किसी भी रूप में इस्तेमाल नुकसानदेह ही है - सीएमओ,वर्ल्ड नो स्मोकिंग डे पर किया गया जागरूक
स्वास्थ्य केंद्रों में धूम्रपान न करने का लिया गया प्रण
उत्तरप्रदेश न्यूज़ 21संवाददाता औरैया , 10 मार्च 2021 |नो स्मोकिंग डे पर बुधवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ तथा एनसीडी सेल के संयुक्त तत्वावधान में जनपद के सभी सामदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया | सभी को धूम्रपान न करने की शपथ दिलाई | इस दौरान लोगों ने धूम्रपान न करने का संकल्प लेने के साथ धूम्रपान के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान भी चलाया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव का कहना है कि तंबाकू का किसी भी रूप में इस्तेमाल करना नुकसानदेह ही है | यह न सिर्फ प्रयोग करने वालों को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि उनके आस-पास के लोगों को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है | उस पर से कोरोना वायरस चूंकि फेफड़ों को प्रभावित करता है, इसलिए सिगरेट, हुक्का या वाटरपाइप जैसी चीज का सेवन करने वालों के लिए यह और भी गंभीर खतरा हो सकता है |
तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ शिशिर पुरी का कहना है कि धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है, सिर्फ आपके फेफड़े ही नहीं यह आपके समग्र स्वास्थ्य को एक से अधिक तरीकों से नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है | उन्होंने कहा कि धूम्रपान करने वालों को नॉनस्मोकर्स की तुलना में दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है| साथ ही स्ट्रोक का खतरा चार गुना बढ़ जाता है | धूम्रपान से अस्थमा और ब्रोंकाइटिस का खतरा बढ़ जाता है, जिससे धीरे-धीरे प्रगतिशील श्वास-प्रश्वास में बाधा उत्पन्न होती है | धूम्रपान के संपर्क में आने वाली गर्भवती महिलाओं में समय से पहले बच्चे का जन्म, कम वजन वाले शिशुओं और स्टिलबर्थ का खतरा अधिक होता है|
जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक अजय ने कहा कि सिगरेट पीने वाले को तो नुकसान करती ही है बल्कि उसे भी नुकसान करती है जो इसके धुंए के सम्पर्क में रहते है | सिगरेट पीने से कैंसर और हार्टअटैक जैसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं |धूम्रपान से खुद का जीवन नष्ट होता है। युवाओं को खासकर धूम्रपान से बचना चाहिए।
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