उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता
औरैया(फफूंद):मंगलवार को बसन्त पंचमी का पर्व नगर व क्षेत्र के स्कूल श्री रामकुमार भारतीय ज्ञानदेवी महाविद्यालय तथा सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में मनाया गया । इस मौके पर देवी सरस्वती की पूजा भी की गई। रामकुमार भारतीय ज्ञानदेवी महाविद्यालय में बसंत पंचमी कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में निर्देशक सैय्यद सुल्तान अहमद ने सभी अध्यापकों को विद्या की देवी के बारे में बताया वहीं कार्यवाहक प्राचार्य डॉ विवेक शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने वसंत पंचमी के दिन ही प्रथम बार देवी सरस्वती की आराधना की थी और कहा था कि अब से प्रतिवर्ष वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा होती है। वसंत ऋतु आते ही प्रकृति का कण−कण खिल उठता है। मानव तो क्या पशु−पक्षी तक उल्लास से भर जाते हैं। हर दिन नयी उमंग से सूर्योदय होता है और नयी चेतना प्रदान कर अगले दिन फिर आने का आश्वासन देकर चला जाता है।यों तो माघ का यह पूरा मास ही उत्साह देने वाला है पर वसंत पंचमी का पर्व भारतीय जनजीवन को अनेक तरह से प्रभावित करता है। प्राचीनकाल से इसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस माना जाता है। जो शिक्षावदि् भारत और भारतीयता से प्रेम करते हैं वे इस दिन मां शारदे की पूजा कर उनसे और अधिक ज्ञानवान होने की प्रार्थना करते हैं। इस मौके पर महाविद्यालय का परिवार उपस्थित रहा । वहीं दिबियापुर मार्ग पर स्थित सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में कक्षा 6 से 9 तक विद्यार्थियों के साथ बसंत पंचमी के उपलक्ष पर सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया ।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने सभी बच्चों को बसंत पंचमी का महत्व समझाया तथा साथ ही यह बताया कि जिस तरह बसंत ऋतु चारों तरफ हरियाली लेकर आती है उसी तरह हमारे जीवन में भी खुशहाली लेकर आती है । विद्यालय के प्रधानाचार्य के साथ सभी अध्यापक गण व बच्चे उपस्थित रहे तथा सभी ने मां सरस्वती की आराधना की और दीपक प्रज्ज्वलित करके पूजा अर्चना की साथ ही मां सरस्वती से सभी को सद्भावना अच्छा आचरण का ज्ञान देने की प्रार्थना की ।
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