Top News

इन 30 करोड़ Aadhaar Card धारकों को पहले मिलेगी कोरोना वैक्सीन

उत्तर प्रदेश न्यूज21

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के देशों को वैक्सीन का लंबे समय से इंतजार है। इसके लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक रिसर्च कर वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। ऐसे में जल्द ही बड़ी  मिल सकती है। भारत बायोटेक द्वारा निर्मित की जा रही कोरोना की वैक्सीन जल्द ही देश में लॉन्च हो सकती है। भारत में फरवरी तक स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च हो सकती है। कोरोना वायरस के संभावित वैक्सीन का निर्माण भारत बायोटेक और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद मिलकर कर रहे हैं।इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि केंद्र का उद्देश्य अगस्त-सितंबर 2021 तक लगभग 30 करोड़ भारतीयों को कोरोना वैक्सीन देना है।
फिलहाल, भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर कई सवाल लोगों के सामने हैं। जैसे, कोरोना वैक्सीन आने के बाद सबसे पहले किसे दी जाएगी? कैसे वैक्सीन बांटी जाएगी? इसके लिए किस तरह के कागजात की जरूरत होगी? ऐसे कई सवाल लोगों के मन में हैं। इनमें से कई सवालों के जवाब अब मिलने लगे हैं। केंद्र सरकार कोरोना के टीके के वितरण और किन-किन लोगों को सबसे पहले दिया जाएगा, इसकी प्राथमिकताओं पर फोकस करने में जुट गई है।सरकार अब वैक्सीन के वितरण प्रक्रिया को अंतिम रूप देने और जिन लोगों को पहले वैक्सीन दिया जाएगा, वैसे लोगों की पहचान करने में जुट गई है। इन विवरणों पर विचार करने वाले विशेषज्ञ ग्रुप ने एक खाका तैयार किया है। इसके मुताबिक, सबसे पहले 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जाएगी, जिनमें डॉक्टर और MBBS स्टूडेंट शामिल होंगे और यह वैक्सीन बिल्कुल फ्री होगा। इसके लिए चार कैटगरी बनाई गई है। वैक्सीन आने के बाद शुरुआती चरण में कुल 30 करोड़ प्राथमिकता वाले लाभार्थियों को वैक्सीन की खुराक दी जाएगी।न्यूज एजेंसी PTI ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि टीकाकरण सूची के प्रत्येक व्यक्ति को उनके आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें ट्रैक किया जा सके। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति के पास आधार कार्ड नहीं है, तो भी वह सरकार द्वारा जारी किसी भी फोटो पहचान पत्र का उपयोग कर सकता है। सबसे पहले हेल्थ वर्कस को वैक्सीन को लगेगी। देश के करीब एक करोड़ से अधिक हेल्थकेयर वर्कर्स को वैक्सीन दिया जाएगा। इनमें MBBS के छात्रों सहित डॉक्टर, नर्स और आशा कार्यकर्ता शामिल रहेंगे।इसके अलावा दो करोड़ फ्रंट लाइन वर्कर्स हैं, जिन्हें पहले चरण में वैक्सीन दिया जाना है। इसमें नगर निगम के कर्मचारी, सुरक्षाबल और इस क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को शामिल किया गया है। 50 साल से अधिक उम्र वालों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिन्हें खतरा ज्यादा है। ऐसे 26 लाख लोगों को पहचान की गई है, इसमें स्पेशल समूह को भी शामिल किया गया, जिनकी उम्र 50 से नीचे हैं। इसमें ऐसे लोग हैं जिन्हें कोई बीमारी है। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सीधे वैक्‍सीन खरीदेगा। राज्‍यों और जिलों में मौजूद नेटवर्क की मदद से पहले प्राथमिकता समूहों को टीका लगेगा।

Post a Comment

If You have any doubts, Please let me know

أحدث أقدم