अजय राजपूत आल इंडिया प्रेस एसोशियेशन(AIPA)
आस पास की मिट्टी व कुचली बाजरे की फसल दे रही गवाही घटना के बाद मृतका की बहनें सहमी
अटसू(अजीतमल):घटनास्थल पर मिट्टी पर लगे पैरों के निशान व कुचली बाजरे की फसल देख तो यही लग रहा था कि बेटी ने अंतिम सांस तक बहसी से संघर्ष किया होगा। अंत में ही उस बहसी ने दुपट्टे से गला घोंट दिया। दुपट्टा गले में ही फंसा था। घटना के बाद मृतका की बहनें सहम गई और परिवार के लोग भी डरे और सदमें में हैं।गांव के लोग बताते है कि मृतका बड़ी ही खुश मिजाज थी और हर रोज बकरी चराने जाती थी।

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