सरकार के दावों में ग्राम प्रधान लगा रहा पलीता महिलाये नही सुरक्षित
संवाददाता रोहित कुमार सविता
उत्तरप्रदेश न्यूज़ 21 मौरावां उन्नाव
कोविड 19 के दौरान देश के प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री ने यह तो कह दिया कि घर में रहें सुरक्षित रहें लेकिन जब कोई महिला घर से बाहर शौच के लिए जाएगी तो वह सुरक्षित कैसे रहेगी हर घर शौचालय की महत्वाकांक्षी योजनाओं को ग्राम प्रधान पलीता लगाने से बाज नहीं आते सालों पहले बने शौचालय में ज्यादातर गढ्ढे जोड़ने का काम अभी भी बाकी है।
उन्नाव जनपद की सबसे चर्चित विकासखंड हिलौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा संदाना में शायद सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हर घर शौचालय की जिसको bjp सरकार यह तो कहती है कि उत्तर प्रदेश को 5 सालों में ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा लेकिन सत्ता में बैठे हुए अधिकारियों को यह भी देखना चाहिए कि क्या शौचालय हर घर तक पहुंच रहा है नहीं बिल्कुल नहीं संदाना ग्राम सभा का तो नजारा यह है की अगर प्रधान से अपने संपर्क अच्छे बनाओगे तो आपको शौचालय मिलेगा चाहे आप विवाहित हो या अविवाहित पिता के नाम से शौचालय अभी तक नहीं आया लेकिन प्रधान के अंडर में काम करने वाले उस अविवाहित व्यक्ति को शौचालय सबसे पहले देने का काम करते हैं प्रधान के सौतेले व्यवहार को देखकर एक अपाहिज महिला जोकि अपने हाथों से खुद अपने पेट की रोटी बनाने में काफी कठिनाइयां उठानी पड़ती है और वह 60% विकलांग है उसके पति ने प्रधान से लेकर ब्लॉक के अधिकारियों के भी दरवाजे खटखटा चुका है लेकिन उसके बाद भी उस विकलांग की एक भी नहीं सुनी गई अभी तक तो लोग गूंगी बहरी सरकार का ही नाम लेते थे लेकिन ग्राम सभा संदाना में एक नई उत्पत्ति हुई है ग्राम सभा संदाना के एक गाँव में एक व्यक्ति 10 लोगो के परिवार के साथ किस तरह खुले में शौच करने के लिए जाता है घर के मुखिया ने अपने आधार कार्ड के साथ साथ घर के कई सदस्यों के भी आधार प्रधान तक यह सोच कर पहुंचाएं की शायद प्रधान हमारी तरफ भी एक नजर घुमाएंगे लेकिन नजर घुमाने की तो बात ही छोड़ दो कई बार वही व्यक्ति प्रधान की चौखट पर गया लेकिन उसे उचित आश्वासन भी नहीं।
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