राज त्रिपाठी उत्तर प्रदेश न्यूज21ऑल इंडिया प्रेस एसोशियेशन कानपुर देहात*
कानपुर:रसूलाबाद जहां कोरोना काल मे श्रमिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा तो वहीं उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार ने उन्हें उनके ही ग्राम में रोजगार देने की भरपूर कोशिश की किंतु सरकार के उन कदमों की आखिरकार उनके ही मुलाजिमों ने हवा निकाल ही दी। जी हां ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है ग्राम सभा अमरोहिया व रसूलाबाद देहात एवं बेहरापुर का जहां केलगभग 80 मजदूरों ने मनरेगा के तहत जून-जुलाई में सड़क नाला निर्माण में मजदूरी कर अपना पेट पालना चाहा किंतु उन मजदूरों को शायद यह नहीं मालूम था कि जो यह कार्य कर रहे हैं । उसकी उन्हें मजदूरी मिलेगी या नहीं ग्राम के लगभग 80 मजदूरों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। जबकि ग्राम विकास कि खाऊ कमाऊ तिकड़ी ने ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार सेवक और टीए ने मिलकर उन लोगों के खातों में मजदूरी का भुगतान कर आपस में ही सरकारी धन का बंदरबांट कर गरीब के पेट का निवाला ही छीन लिया । अपनी लेवरी का भुगतान न किए जाने को लेकर आज तहसील दिवस में ग्राम के मजदूरों प्रदीप कुमार, छोटेलाल ,ईश्वर दयाल ,सुनील रामकिशन आदि आला अधिकारियों से गुहार लगाई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या उन मजदूरों का भुगतान हो पाएगा या नहीं या यूं ही ग्राम विकास में भ्रष्टाचार होता रहेगा और सरकारी मुलाजिम मालामाल होते रहेंगे।
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