नवनीत गुप्ता उत्तर प्रदेश न्यूज21
छिबरामऊ (कन्नौज):प्रसव के दस दिन बाद टांके कटवाने के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराई गई फर्रुखाबाद जिले की प्रसूता की खून चढ़ाते समय मौत हो गई। डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा कर दिया। नायब तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर पति के बयान दर्ज किए। पति की तहरीर पर पुलिस ने दो डॉक्टरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। फर्रुखाबाद जिले के जहानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बदरेपुर निवासी सत्येंद्र जाटव ने तीन अक्तूबर को गर्भवती पत्नी काजल (24) को फर्रुखाबाद रोड स्थित पुष्पांजलि नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। चार अक्तूबर को ऑपरेशन से बेटा पैदा हुआ। सत्येंद्र ने बताया कि तीन दिन बाद काजल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दो दिन टांके कटवाने नर्सिंग होम लाए थे। अस्पताल में डॉ. महेश और डॉ. राहुल ने काजल को कमजोर बताकर खून चढ़ाने की सलाह दी।
गुरुवार सुबह खून चढ़ाने के दौरान काजल की मौत हो गई। सतेंद्र का आरोप है कि डॉक्टर ने सादे कागज पर दस्तखत कराकर शव ले जाने को कह रहे थे। इस पर परिवार के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर नायब तहसीलदार सौरभ यादव, एसआई हरिओम गुप्ता नर्सिंग होम पहुंचे और सतेेंद्र के बयान दर्ज किए। पुलिस ने सतेंद्र की तहरीर पर डॉ. महेश व डॉ. राहुल के खिलाफ गैरइरादन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।बेटा होने पर गांव में बांटी थी मिठाई
दस दिन पहले बेटा पैदा होने की खुशी में सतेंद्र ने गांव भर में मिठाई बांटी थी। घर में खुशी का माहौल था। अचानक ही खुशियां गम में बदल गईं। दस दिन का मासूम मां की ममता से वंचित हो गया। दादी सुमन उसे गोद में लिए रहीं।
डाक्टर व स्टाफ के जाने से भर्ती मरीज परेशान
खून चढ़ाने के दौरान महिला की मौत के बाद अस्पताल से चिकित्सक व स्टॉफ भाग गया। इससे दूसरे मरीज परेशान रहे। ग्राम भरौली सिरकनेपुर निवासी पुष्पा पत्नी रनवीर ने बताया कि सोमवार को भर्ती हुई थी। मंगलवार को बेटी को जन्म दिया। यहां न कोई देखने वाला है और न कोई दवा देने वाला।

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