अजय राजपूत ऑल इंडिया प्रेस एसोशिएशन (AIPA)
कंचौसी : रेल फ्रेट कारीडोर व राज्य ब्रिज कारपोरेशन द्वारा संयुक्त रूप से पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर प्रस्तावित ओवरब्रिज का निर्माण लॉक डाउन से पहले शुरू कराया गया था। कार्य लगातार चल रहा है। लेकिन अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। जिससे निर्माण अधर में लटकता दिखाई पड़ रहा है।
ब्रिज कारपोरेशन ने कस्बा से औरैया, बान, झींझक रोड, नहर पार लहरापुर मार्ग तक आठ सौ मीटर लंबा व 15 मीटर चौड़ा ब्रिज बनाने के लिए कारपोरेशन ने निजी ठेकेदारों के माध्यम से कार्य शुरू कराया। रेलवे लाइन के बीच खंभे आदि बनाकर करीब 35 फीसद काम बरसात से पहले कर लिया। अब जमीन की सतह पर कार्य कराया जा रहा है। जिसके लिए काफी मात्रा में सरिया, सीमेंट, गिट्टी, मौरंग व मशीनें क्रासिग के पास बनाए गए स्टोर में रखी हैं। किसान मझले पंडित, बबलू, अनिल दुबे आदि ने बताया कि पिछले जनवरी माह में 50 से अधिक किसानों की सहमति के अनुसार कृषि भूमि का आवासीय रेट का मुआवजा आज तक राज्य ब्रिज कारपोरेशन के अधिकारी भूस्वामियों को नहीं दिला सके हैं। साइड पर काम बराबर चल रहा है। मुआवजा मांगने पर आश्वासन दिया जा रहा है। परेशान किसानों ने पिछले माह इंजीनियरों को खेतों से भगा दिया था। इस समय चौकीदार ही रखवारी कर रहा है। अब यहां काम किसानों की सहमति से ही कराया जाएगा। जिससे ओवरब्रिज का कार्य अधर में लटकता नजर आ रहा है।
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