Top News

ब्लड बैंक न होने से रेफरल सेंटर बना 50 शय्या अस्पताल

नवनीत गुप्ता उत्तर प्रदेश न्यूज21

औरैया:सात साल से बंद पड़े ब्लड बैंक के खुलने का रास्ता दिन-ब-दिन साफ होता जा रहा है। डीएम अभिषेक सिंह ने सीएमओ से ब्लड बैंक की प्रगति रिपोर्ट की आख्या मांगी है। ब्लड बैंक की साफ सफाई हो चुकी है। बंद पड़ी मशीनों को फिर से चालू कर दिया गया है। साथ ही बदहाल बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जा चुका है। सब कुछ इसी गति से चलता रहा तो दीवाली के पहले ब्लड बैंक शुरू होने की पूरी उम्मीद है। सात साल पहले शुरू होने के कुछ महीने बाद ही ब्लड बैंक पर ताला लटक गया था। इस मुद्दे को अमर
उजाला ने अभियान चलाकर प्रमुखता से उठाया। खबर का असर यह रहा कि हाल ही में आयुक्त कानपुर मंडल ने समीक्षा बैठक के दौरान ब्लड बैंक के बारे में जानकारी हासिल की और महीने भर में इसका संचालन शुरू कराने का निर्देश दिया। इसके बाद ब्लड बैंक को संचालित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले दिनों ब्लड बैंक की साफ-सफाई, खराब हो चुकी बिजली की व्यवस्था व बंद पड़ी मशीनों को चालू किया गया है।
बुधवार को सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने चालूू हो चुकी मशीनों को निरीक्षण किया। साथ ही कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह ने डीएम को फोन कर खराब हो चुके उपकरणों को दुरुस्त कराने को एस्टीमेट मांगा है। गुरुवार को डीएम अभिषेक सिंह ने सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव से अब तक की प्रगति की आख्या मांगी है। उधर, सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने बताया कि अस्पताल में सर्जन न होने व ब्लड बैंक के संचालित न होने से गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों व प्रसव के बाद अधिक रक्तश्राव होने से मरीजों को अन्य जिलों में रेफर करना पड़ता है। कई मरीजों की रास्ते में हालत गंभीर हो जाती है। ब्लड बैंक शुरू होने से इस तरह की समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। गौरतलब है कि ब्लड बैंक न होने से अभी तक जिला अस्पताल मरीजों का रेफर सेंटर बन कर रह गया है।

Post a Comment

If You have any doubts, Please let me know

أحدث أقدم