नवनीत गुप्ता उत्तर प्रदेश न्यू21/आल इंडिया प्रेस एसोसिएशन
एरवाकटरा:क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पिछले करीब पंद्रह दिनों से चरमराई हुई है। एक तरफ अघोषित बिजली कटौती ने इस उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना दूभर किया हुआ है, वहीं लो वोल्टेज की समस्या किसानों की तैयार खड़ी फसल के लिए बज्रपात का काम कर रही है। बिजली कटौती के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जिससे लोग मलेरिया और टाइफाइड जैसी घातक बीमारियों की चपेट में आ रहे है।
एरवाकटरा की बिजली व्यवस्था का हाल यह है कि बमुश्किल बारह घंटे बिजली ही मिल पा रही है। दिन और रात में हो रही अघोषित बिजली की कटौती जनता के लिए समस्या बनी हुई है। क्या बूढ़े और क्या नौनिहाल सभी बिजली की कटौती के कारण उमस भरी गर्मी में मलेरिया और डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हाल यह है कि मलेरिया और टाइफाइड जैसी घातक बीमारी की चपेट में आए लोगों की भीड़ झोलाछाप डॉक्टरों की दुकान पर देखने को मिल रही है। दूसरी ओर लो वोल्टेज की समस्या किसानों के लिए काल के समान कार्य कर रही है। किसान अपनी साल भर की मेहनत बेबश और लाचार होकर अपनी आंखों के सामने बर्बाद होते देख रहा है। लेकिन कोई राहत नही मिल पा रही है और अबतक एरवाकटरा की बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है।
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