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*प्रदेश में धूमधाम व अपार श्रद्धापूर्वक मनाई गई भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी*


● *मंदिरों घरों पर सजीं झाकियां:भीड़ नही जुटी पर उत्साह कायम रहा*
     घनश्याम सिंह
लखनऊ : प्रदेश में धूमधाम व अपार श्रद्धा के साथ यशोदा नन्दन श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी मनाई गई,इस मौके पर मंदिरों व घरों पर भव्य सजावट की गई व झाकियां सजाईं गयीं।।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोविड-19 के बचाव के मद्देनजर मंदिरों में भव्य सजावट तो हुई पर कार्यक्रम लॉक डाउन के अनुरूप  संक्षिप्त रूप में हुए, श्रद्धालुओं ने ज्यादातर अपने घरों,प्रतिष्ठानों पर व्यक्तिगत रूप से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया,इस क्रम में युवा समाजसेवी व श्रद्धालु 
 विकास कुमार यादव ने विपुल खंड गोमतीनगर स्थित अपने आवास पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई,इस मौके उन्होंने सहयोगी परिजन व श्रद्धालु पूजा देवी,रिशू सिंह,राघव,आरनो आदि ने घर पर स्थित मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण व राधा को सोलह श्रृंगार कर छप्पन भोग कराए,व भजन-कीर्तन किये,
       अलीगढ़ में प्रख्यात समाजसेविका लक्ष्मी धनगर ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपने आवास पर श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी मनाई,इस मौके पर लक्ष्मी धनगर ने बताया कि

गीता में श्रीकृष्ण ने प्राणियों में समानता की शिक्षा दी है आज बंटे हुए समाज में गीता की उपादेयता और भी बढ़ जाती है .
श्री कृष्ण श्रीमद् भागवत गीता पंद्रहवें अध्याय में कृष्ण कहते हैं- इस संसार में सारे जीव मेरे अंश हैं,छह  इंद्रियों से घोर संघर्ष कर रहे हैं,जिसमें मन भी सम्मिलित है। श्री कृष्ण इसे और स्पष्ट करते हैं ,विनम्र पुरुष अपने वास्तविक ज्ञान के कारण सभी को समान दृष्टि से देखता है अर्थात जब हम किसी भी भूखे की भूख भूख मिटाते हैं ,तो भगवान की भूख मिट जाती है। फिर भेद कैसा? किसी भी जीव को प्रताड़ित करना कष्ट देना ईश्वर को कष्ट पहुंचाना है ।"गीता में समानता का यह स्वर सभी जगह मिलता है, 
     
  श्रीकृष्ण के जन्म दिवस के अवसर पर  जनपद सीतापुर के हसनपुर के बिसवां समुदाय के अंतर्गत स्थानीय बहाई आध्यात्मिक सभा ने गांव के लोगों के साथ विश्व कल्याण की प्रार्थनाएं कर  भगवान श्री कृष्ण का जन्म दिन मनाया गया, इस मौके पर बताया गया कि ईश्वरावतार श्रीकृष्ण के उपदेशों को आगे बढ़ाने के लिए बहाउल्लाह ने दिव्य शिक्षाएं प्रकट की हैं इस विषय पर प्रभुधर्म का शिक्षण किया गया,इस मौके पर सहायक मण्डल सदस्य 
मनोज कुमार व स्थानीय सभा हसनापुर के बहाई  व जिज्ञासु नवीन किशोर,गोकरण लाल,मीना देवी,शत्रोहन लाल,कृपाल,पुष्पा देवी, संभानतजन,दीपू,सुनीता,विनोद कुमार आदि उपस्थित थे,

  इसी तरह औरैया जनपद के विभिन्न कस्बों व ग्रामों में लॉक डाउन का पालन करते हुए श्रद्धापूर्वक श्रीकृष्णजन्माष्टमी मनाई गई,अधिकांशतः श्रद्धालुओं ने व्यक्तिगत तौर पर घरों पर ही भव्य कार्यक्रम आयोजित किये,इस श्रृंखला में बेला कस्बे के निकटवर्ती ग्राम मनुआं पुरवा में समाजसेविका व
स्थानीय आध्यात्मिक सभा की सदस्य प्रमिला सिंह के आवास पर भव्य सजावट के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई,इस मौके पर किशोर श्रद्धालु आशीष कमल,युवा शुभम बाबू के सहयोग से समाजसेविका ने ईश्वरावतार श्रीकृष्ण की पीतल की नवीन प्रतिमा स्थापित की,
इस क्रम में बेला कस्बे के बस्ती रोड पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने समाजसेविका लक्ष्मी पुत्री गुरुप्रसाद ने पुत्र व वधू की स्मृति में
स्थापित राधा कृष्ण मंदिर पर श्रीकृष्ण जन्म की झांकी सजाई, समाजसेविका लक्ष्मी का पुत्र ऋषभ गोद में था तभी उनके पति सतीश का असमय निधन हो गया था,उन्होंने लंबे समय तक अबोध बेटे के सहारे एकाकी जीवन काटा और उसकी रमादेवी से शादी की,किन्तु क्रूर काल ने एक मार्ग दुर्घटना में 19.07.16 को पुत्र व वधू को उठा लिया, इसके बाद लक्ष्मी ने पुत्र व वधू की याद में घर के बाहर राधा कृष्ण का मंदिर स्थापित कराया,जहां वह प्रतिदिन राधा-कृष्ण के साथ पुत्र व वधू की पूजा करती हैं व प्रत्येक जन्माष्टमी पर झांकी सजातीं हैं।।।

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