उत्तर प्रदेश न्यूज21
एक डाक्टर के पाजिटिव होते ही बदल गया ‘नजरिया
कोरोना वायरस ने धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों का नजरिया भी बदल दिया है। जिसके चलते सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी अस्पताल तक के डॉक्टर मरीजों को देखने से कतरा रहे हैं। गंभीर मरीजों को दूर से देख कर दवा दी जा रही है। जबकि साधारण मरीजों के लिए ओपीडी बंद चल रही है। आम मरीजों को देखने वाला कोई नहीं है। ऐसे में इन मरीजों के बीच भी संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। इस समय वायरल, जुकाम व बुखार के मरीज काफी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं।
कोरोना वायरस से चारों ओर दहशत है। सभी विभागों में अधिकारी व कर्मचारी संक्रमण को लेकर खासे परेशान दिख रहे हैं। स्वास्थ्य महकमा भी इससे अछूता नहीं है। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों ने भी अब मरीजों को देखने का तरीका बदल दिया है। नब्ज व आला से देखने की जगह चेहरे को पढ़कर व मरीजों की जुबानी बीमारी सुन दवाइयां लिख रहे हैं। ऐसे में कुछ मरीज तो ठीक हो जाते हैं । जबकि अधिकांश मरीजों को उनकी दवा से कोई आराम नहीं मिल रहा है। निजी चिकित्सकों का भी यही हाल है, वहां भी डॉक्टर मरीजों से दूरी बनाए हुए हैं। डॉक्टर मरीजों को 1 से 2 मीटर की दूरी पर खड़े होकर उनकी समस्याएं पूछते हैं। और दवाइयां लिखते हैं। बता दें कि कोरोना महामारी शुरू होने से पहले तक डा. मरीजों की नब्ज देखकर और लेप्रोस्कॉपी द्वारा उनके दिल की धड़कन सुनने के बाद ही उनका इलाज करते थे। लेकिन जब से कोरोना वायरस का संक्रमण फैलना शुरू हुआ है। तब से जिले के डाक्टरों ने अपने इलाज का तरीका बदल दिया है। ऐसा नहीं है कि डाक्टरों के पास पर्याप्त संसाधन न हों। उनके पास हाईलेवल मास्क, सैनिटाइजर, हैंडग्लब्स और केफ से लेकर कोरोना से खुद को बचाए रखने का हर तरह का सामान स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुहैया कराया गया है। फिर भी कोरोना के डर से डाक्टरों ने इलाज का तौर तरीका बदल दिया है। हालांकि दो दिन पूर्व 50 शैय्या जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद अन्य डाक्टर और दहशत में आ गए हैं। अस्पताल में संक्रमण से बचाव की सावधानियां भी बढ़ा दी गई हैं
ओपीडी में बने 400 पर्चे
औरैया। दो दिन बाद खुले जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को करीब 400 पर्चे बनाए गए। ओपीडी में डा. प्रमोद कटियार, डा. तेज प्रताप सिंह व डॉक्टर मोहित गहोई ने मरीजों को देखा। बता दें कि जब से लॉकडाउन हुआ है तब से अस्पताल में 150 से लेकर 250 तक मरीज ही आ रहे थे। सोमवार को पहली बार यह आंकड़ा 400 पर पहुंचा।
साबुन से हाथ धोने की दी जा रही सलाह
औरैया। नगर के 50 शैय्या जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को मुंह पर मास्क
लगाने व हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोने की सलाह दी जा रही है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से ओपीडी के बाहर लाउडस्पीकर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अस्पताल परिसर को भी कई बार सैनिटाइज कराया जा रहा है। सीएमएस डा. लाखन सिंह ने बताया की मरीजों के हाथों को सबसे पहले सैनिटाइज कराया जाता है। इसके लिए सभी डाक्टरों की केबिन में सैनिटाइजर रखा हुआ है। साथ ही अस्पताल के गेट पर भी वाश वेशन बनवाया गया है।
लगाने व हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोने की सलाह दी जा रही है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से ओपीडी के बाहर लाउडस्पीकर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अस्पताल परिसर को भी कई बार सैनिटाइज कराया जा रहा है। सीएमएस डा. लाखन सिंह ने बताया की मरीजों के हाथों को सबसे पहले सैनिटाइज कराया जाता है। इसके लिए सभी डाक्टरों की केबिन में सैनिटाइजर रखा हुआ है। साथ ही अस्पताल के गेट पर भी वाश वेशन बनवाया गया है।


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