लखनऊ(उत्तर प्रदेश) -
जरूरी नही रुतबा क़ायम करने के लिए चाचा विधायक हों,क्योकि कुछ लोग तो अपने खुद के वजूद पर भी जीते है-इंजीनियर लख्मीचंद यादव।
जिंदगी मे हर वो ऊंचाई भी मिलना भी इंसान को बेकार है, जहाँ से उसे अपने लोग भी दिखाई न दे!
जो व्यक्ति समाज के बुरे दौर में भी समाज के साथ मजबूती से खड़ा नहीं होता हो, तो समाज को भी उस व्यक्ति के बुरे दौर में उसका साथ छोड़ देना चाहिए और उसे उस वक्त नकार भी देना चाहिए।
और जो दो कौड़ी की नित्तल्ली अपनी खुद की राजनीत को चमकाने के लिए व अपनी दलाली की दुकान को पुख्ता करने के लिए बिना किसी सरकारी अफसर व मंत्री सांसद विधायक से बात किये ही चंद दो कौड़ी की नितल्लियॉ की पैठ इकट्ठा करके सड़कों पर किसी की मदद करने के लिए झूठा धरना प्रदर्शन करने का जो ड्रामा करते हैं और जो सरकार व बड़े नेताओं को भला बुरा कहकर मीडिया व अखबार के माध्यम से अपनी सुर्खिया बटोरना चाहते हैं और जो लोग अपने निजी स्वार्थ सिद्ध करने के लिए जनता को गुमराह करते हैं जनता को भी ऐसे नोटनकी बाज़ नकारात्मक नितल्लियो को बिल्कुल नकार देना चाहिए।
मेरा विचार है जो भी जुर्म करे उसे जुर्म करने की सजा अवश्य मिले,चाहे जुर्म करने वालो में हम भी क्यो ना हो।
में देख रहा हु,आजकल मीडिया व सोसल साइट पर कोई स्वर्ण समाज को गाली देता है,तो कोई बहुजनो को गाली देता है,और कोई अल्पसंख्यक समाज को गाली देता है।
दोस्तो ये सभी मेरी समझ से कंडम व नकारात्मक तुच्छ मानसिकता के घटिया लोग हैं जो कुत्ते के गु समान है जो जहां भी होंगे वहां दुर्गंध ही दुर्गंध आएगी हैं दोस्तो क्या कभी सारा समाज गलत हो सकता है???
नीच लोग तो हर जाति में है क्या एक नीच इंसान के होने पर पूरी जाती ही नीच होगी???
में खुद भी जातिवाद के खिलाप हु क्योकि जातिवाद से देश का विकाश कभी भी नही हो सकता हम सब को मिलकर और सभी को साथ लेकर चलने से ही हमारे देश का विकाश सम्भव है
मेरे जमीनी सर्वे के मुताबिक सिर्फ 1% ही वो लोग हैं जो मदद गार व सही कहने वाले लोग होते हैं उसका प्रमाण भी हम आपको साथ में दे रहे हैं।
आप प्रभु श्री राम रावण युद्ध मे देख लीजिए लंका में सिर्फ एक ही आदमी सत्य के मार्ग पर चलने वाला व सत्य बोलने वाला था जिसका नाम विभीषण था।
आप सन्नी देओल की दामिनी पिक्चर में देख लीजिए दामिनी अकेली रह गयी व सभी एक तरफ हो गये लेकिन दामिनी अपने खुद के आत्मविश्वास से सच्चाई की जंग जीत गयी।
इसी तरह हमने भी अनेको दुसरो की बड़ी जंग लड़ी थी जिसमे अंत तक हम अकेले ही रहे गए और फिर भी हम जंग जीत गए।
इस लिए में सभी से बार बार कहता रहता हूं सत्य अपने आप मे बहुत बलवान है सत्य को किसी की भी सिफारिश की जरूरत नही पड़ती,इस लिए आप सत्य के मार्ग पर और इंसानियत के मार्ग पर ही चले।
सच मे फरिस्ते हैं श्री अखिलेश यादव और श्री आदित्यनाथ योगी इन दोनों महान सख्सियतो की आप लोग हिपाजत कीजिये।
फेसबुक, ट्विटर,व्हाट्सप्प, इंस्टाग्राम पर चलने वाले हजारो से भी अधिक सामाजिक संगठनों को पछाड़ता हुआ धरातल पर काम करके हर दिन जनता की बड़ी समस्याओ को हल करके बहुत तेज गति से दिन पर दिन आगे बढ़ रहा है।
इसी लिए ही भारतीय जनसेवा मिशन संगठन देश का सर्वश्रेष्ठ सामाजिक संगठन बनने जा रहा है।
*हमारा एक मात्र लक्ष्य सिर्फ जनसेवा।*
विकास सिंह कुशवाहा पत्रकार
सम्पर्क सूत्र-9759153285

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